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बुद्ध की उपदेश स्थली पहुंचे राज्यपाल
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Mon, 13 Apr 2015 02:15 AM IST
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सारनाथ/वाराणसी। भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ पहुंचकर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक ने परिवार संग दर्शन-पूजन कर गुप्तकालीन कलाकृतियां देखीं। इसके बाद संकट मोचन और काशी विश्वनाथ के दरबार में मत्था टेका। नौका विहार करने के बाद गंगा आरती में भी शामिल हुए।
काशी में दर्शन-पूजन करने के क्रम में सबसे पहले राज्यपाल दोपहर बाद करीब तीन बजे सारनाथ पहुंचे। यहां उनका स्वागत सहायक अधीक्षण पुरातत्व सचिन तिवारी ने किया। इसके बाद खंडहर परिसर पहुंचे। प्राचीन मूलगंध कुटी विहार और धमेख स्तूप देखा। मूलगंध कुटी विहार गेट पर महाबोधि सोसाइटी आफ इंडिया के संयुक्त सचिव भिक्षु पी. शिवली थेरो ने खाता भेंटकर स्वागत किया। बुद्ध मंदिर पहुंचने के बाद राज्यपाल ने खाता अर्पित कर बुद्ध प्रतिमा और बोधिवृक्ष की परिक्रमा की, उसके बाद सर्किट हाउस के लिए निकल पड़े।
शाम करीब साढ़े चार बजे राज्यपाल संकट मोचन पहुंचे। यहां दर्शन-पूजन के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर गए। संकट मोचन मंदिर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि विकास के मामलों में केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय का अभाव है, जिसे दूर कराने का प्रयास किया जाएगा। किसानों के भूमि अधिग्रहण, भुखमरी के सवाल पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। काशी विश्वनाथ मंदिर पर
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अर्चक श्रीकांत मिश्र ने षोडशोपचार विधि से पूजन कराया और इसके बाद नौका विहार करने निकल पड़े। शाम को दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती में शामिल होने के बाद वह सर्किट हाउस पहुंचे। फिर रात 8:50 बजे लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
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काशी में दर्शन-पूजन करने के क्रम में सबसे पहले राज्यपाल दोपहर बाद करीब तीन बजे सारनाथ पहुंचे। यहां उनका स्वागत सहायक अधीक्षण पुरातत्व सचिन तिवारी ने किया। इसके बाद खंडहर परिसर पहुंचे। प्राचीन मूलगंध कुटी विहार और धमेख स्तूप देखा। मूलगंध कुटी विहार गेट पर महाबोधि सोसाइटी आफ इंडिया के संयुक्त सचिव भिक्षु पी. शिवली थेरो ने खाता भेंटकर स्वागत किया। बुद्ध मंदिर पहुंचने के बाद राज्यपाल ने खाता अर्पित कर बुद्ध प्रतिमा और बोधिवृक्ष की परिक्रमा की, उसके बाद सर्किट हाउस के लिए निकल पड़े।
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शाम करीब साढ़े चार बजे राज्यपाल संकट मोचन पहुंचे। यहां दर्शन-पूजन के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर गए। संकट मोचन मंदिर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि विकास के मामलों में केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय का अभाव है, जिसे दूर कराने का प्रयास किया जाएगा। किसानों के भूमि अधिग्रहण, भुखमरी के सवाल पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। काशी विश्वनाथ मंदिर पर
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अर्चक श्रीकांत मिश्र ने षोडशोपचार विधि से पूजन कराया और इसके बाद नौका विहार करने निकल पड़े। शाम को दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती में शामिल होने के बाद वह सर्किट हाउस पहुंचे। फिर रात 8:50 बजे लखनऊ के लिए रवाना हो गए।