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फिर लौटेगा हिंदी के गढ़ का वैभव: काशी नागरी प्रचारिणी सभा में हुए चुनाव के परिणाम एक साल बाद इस दिन आएंगे

Mon, 03 Apr 2023 10:06 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 03 Apr 2023 10:06 AM IST
सार

हिंदी का गढ़ कही जाने वाली  काशी नागरी प्रचारिणी सभा के चुनाव का परिणाम छह अप्रैल को घोषित होगा। नौ जून 2022 को मतदान हुआ था। चुनाव जीतने वाला वाराणसी के साथ ही नई दिल्ली और हरिद्वार के परिसर का अध्यक्ष भी होगा।
 

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glory of Hindi will return again Kashi Nagari Pracharini Sabha election result date after one year
नागरी प्रचारिणी सभा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय महत्व की हिंदीसेवी संस्था नागरी प्रचारिणी सभा का पुराना वैभव फिर से लौटेगा। 19 सालों के बाद संस्था को नई कार्यकारिणी मिलने की उम्मीदें जगी हैं। इससे वाराणसी के साहित्य जगत व बुद्धिजीवियों में भी खुशी है। एक साल पहले हुए प्रचारिणी के चुनाव के परिणाम छह अप्रैल को आएंगे।

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हिंदी का गढ़ कही जाने वाली नागरी प्रचारिणी सभा को छह अप्रैल को नई कार्यकारिणी मिल जाएगी। इसके बाद संस्थान में शोध और साहित्यिक गतिविधियां फिर से शुरू हो जाएंगी। नागरी प्रचारिणी सभा का मुद्रण और प्रकाशन विभाग अरसे से बंद है। ऐसे में नई कार्यकारिणी से उम्मीद है कि वो इसका फिर से संचालन शुरू करे।
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अगर सभा द्वारा प्रकाशित सभी पुस्तकें आज भी उपलब्ध हो जाएं तो हिंदी साहित्य के विद्यार्थियों और शोधार्थियों समेत वृहत्तर हिंदी संसार लाभान्वित होगा। साथ ही उनकी बिक्री से होने वाली आय से सभा की आर्थिक स्थिति भी सुधारी जा सकेगी। चुनाव जीतने वाला वाराणसी के साथ ही नई दिल्ली और हरिद्वार के परिसर का अध्यक्ष भी होगा।
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नई टीम के सामने कई चुनौतियां

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नागरी प्रचारिणी सभा - फोटो : अमर उजाला

नए अध्यक्ष और कार्यकारिणी के सामने चुनौतियां भी होंगी। इसमें आर्यभाषा पुस्तकालय के जीर्णोद्धार के साथ ही 128 वषोZं की हिंदी की थाती को सहेजना प्रमुख है। सभा का मुख्य भवन जिसमें हिंदी का सबसे पुराना आर्यभाषा पुस्तकालय है, वह सवा सौ साल पुरानी एक हेरिटेज इमारत है। इसको तत्काल सघन देखरेख और सरंक्षण की जरूरत है, जबकि रखरखाव के अभाव में वह जीर्णशीर्ण होकर गिरने की कगार पर है। भूतल पर उसका एक हिस्सा ढह भी गया है।

चुनाव में दूसरे पक्ष से खड़े संस्कृतिकर्मी व्योमेश शुक्ल ने बताया कि अगर उनकी कार्यकारिणी चुनाव जीतती है तो उनकी प्राथमिकता में आर्यभाषा पुस्तकालय का जीर्णोद्धार शामिल है। इसके साथ ही पुस्तकालय में उपलब्ध पांडुलिपियों, पुस्तकों, हस्तलेखों का इंटेलैक्चुअल ऑडिट कराएंगे। राज्य और केंद्र सरकार से बातचीत कर जरूरत के अनुरूप परिसर का सुंदरीकरण भी कराया जाएगा। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की तरह प्रचारिणी सभा को विकसित किया जाएगा। कर्मचारियों के वेतन संबंधी मामलों को हल करना, नई नियुक्तियां और आय के स्रोत विकसित करना प्राथमिकता में होंगी। देश भर के साहित्यसेवी व बुद्धिजीवियों को सीधे नागरी प्रचारिणी से जोड़ा जाएगा।

15 साल से चल रहा विवाद अब अंत की ओर

नागरी प्रचारिणी सभा में पिछले 15 वर्षों से चल रहा कानूनी विवाद अब पटाक्षेप की तरफ है। संस्कृतिकर्मी व्योमेश शुक्ल की लिखित आपत्ति पर चुनाव के बाद अब मतगणना भी कराई जाएगी। सहायक निबंधक सोसाइटीज को 2004 की साधारण सभा के सदस्यों की सूची के आधार पर जिला प्रशासन की देखरेख में चुनाव नौ जून 2022 में हुआ था।

भाषा और साहित्य का अनूठा संग्रहालय

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नागरी प्रचारिणी सभा। - फोटो : अमर उजाला।

नवगीतकार सुरेंद्र वाजपेयी ने बताया कि आर्यभाषा पुस्तकालय भाषा और साहित्य का एक अनूठा संग्रहालय है। हस्तलेखों, अनुपलब्ध और दुर्लभ ग्रंथों का ऐसा संकलन कहीं और मिलना मुश्किल है। आधी सदी पहले तक हिंदी के जानेमाने विद्वान अपने निजी पुस्तक-संग्रह इस पुस्तकालय को प्रदान करते रहे थे। दिग्गज विद्वानों की लगभग पचीस वर्षों की साझा मेहनत के फलस्वरूप हिंदी शब्दसागर नामक हिंदी का पहला, सबसे बड़ा, समावेशी और प्रमाणिक शब्दकोष तैयार हुआ। सभा ने ही आज से सौ साल पहले एमए की कक्षाओं के लिए हिंदी का पहला पाठ्यक्रम बनाया था।

नागरी प्रचारिणी सभा की स्थापना कैसे हुई

नागरी प्रचारिणी सभा की स्थापना क्वींस कॉलेज की नवीं कक्षा के तीन छात्र बाबू श्यामसुंदरदास, पं. रामनारायण मिश्र और शिवकुमार सिंह ने इसी कॉलेज के छात्रावास के बरामदे में बैठकर की थी। बाद में इसकी स्थापना की तिथि इन्हीं महानुभावों ने 16 जुलाई 1893 निर्धारित की और आधुनिक हिंदी के जनक भारतेंदु हरिश्चंद्र के फुफेरे भाई बाबू राधाकृष्ण दास इसके पहले अध्यक्ष हुए।

जिला राइफल क्लब में मतगणना

नागरी प्रचारिणी सभा के चुनाव का परिणाम छह अप्रैल को घोषित होगा। जिला राइफल क्लब में सुबह नौ बजे से होने वाली मतगणना के लिए तीन टेबल बनाई गई है। नौ जून 2022 को मतदान हुआ था और कुल 228 डाक मत पड़े थे। हाईकोर्ट के आदेश पर मतपेटियों को सुरक्षित रखवा दिया गया था। हाईकोर्ट के स्टे आर्डर हटाने के आदेश के बाद मतगणना कराई जा रही है। उपजिलाधिकारी पिंडरा को रिटर्निंग ऑफिसर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर विकास कुमार पांडेय व मनोज कुमार सिंह को बनाया गया है। मतगणना में नौ कर्मचारियों को लगाया गया है। यहां बता दें कि नागरी प्रचारिणी सभा में 944 मतदाता हैं और 262 मत पड़े थे। इसमें 228 डाक से और 34 मत बूथ पर डाले गए थे।

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