कार्रवाई: आठ लाख की लूट मामले में ईरानी गैंग पर लगा गैंगस्टर, पुलिस बन कर चेकिंग के बहाने करते थे लूट
ईरानी गैंग के बदमाश अबु हैदर, इमरान अली बेग, मो. कासिम, सैय्यद अबु थरब अली, गुलाम जाकिर जाफरी, मेहंदी हसन को एक अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था।
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वाराणसी पुलिस आयुक्त ए. सतीश गणेश के निर्देश पर चौक के पियरी चौकी के अंतर्गत दिनदहाड़े 8 लाख रुपये की लूट मामले में ईरानी गैंग के छह बदमाशों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई। आरोपियों पर ईरानी गैंग के बदमाश अबु हैदर, इमरान अली बेग, मो. कासिम, सैय्यद अबु थरब अली, गुलाम जाकिर जाफरी, मेहंदी हसन को एक अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था।
आरोपियों के पास से लूट के 7,37,000 रुपये और दो मोटरसाइकिल बरामद की गई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी शातिर किस्म के अपराधी हैं। यह अलग-अलग शहरों में पुलिस बन कर चेकिंग के बहाने लूट की घटना को अंजाम देते हैं। इसके खिलाफ चौक थाने में गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
कई राज्यों में फैला ईरानी गैंग का नेटवर्क
कमिश्नरेट पुलिस ने मध्य प्रदेश निवासी अंतरराज्यीय ईरानी गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया। ये लोग पुलिसकर्मी बनकर चेकिंग के नाम पर लोगों को टप्पेबाजी का शिकार बनाते थे। गिरफ्तार आरोपी वाराणसी में इस तरह की टप्पेबाजी की कई घटनाओं में शामिल रहे हैं। ईरानी गैंग का नेटवर्क कई राज्यों में फैला है। ये फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल करते थे। पु
लिस ने वाराणसी के कबीरचौरा क्षेत्र में बीते 24 मार्च को किराना कारोबारी से आठ लाख रुपये लूट मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के छह बदमाशों को गिरफ्तार किया था। कब्जे से लूट के सात लाख 37 हजार रकम और लूट में उपयोग असलहा-कारतूस, दो बाइक और चार पहिया वाहन बरामद भी बरामद हुआ था। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि वह ईरानी गैंग के लिए काम करते हैं।
शहर के व्यस्ततम बाजारों में घटना को देते थे अंजाम
पुलिस के अनुसार, गैंग के बदमाश चार पहिया व दो पहिया वाहनों से शहर के व्यस्ततम बाजारों और पॉश कालोनियों में क्राइम ब्रांच व एसटीएफ बनकर चेकिंग के नाम पर लूट व टप्पेबाजी करते हैं। चेकिंग के दौरान योजना के तहत गैंग के सदस्यों में से एक व्यक्ति पहले अपनी स्वयं की चेकिंग कराता है फिर टारगेट किये गये व्यक्ति की चेकिंग करते हैं व रुपये आदि मिलने पर लूट कर भाग निकलते हैं। इसके अलावा महिला व पुरूषों को चेकिंग के दौरान लूट आदि का भय दिखाकर उनके जेवर उतरवाकर कागज में लपेट देते हैं एवं बातचीत के दौरान झांसा देकर कागज की पुड़िया बदल देते हैं।