मंगलवार को हुई बारिश ने वाराणसी में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहले भोर और फिर दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश की वजह से जगह-जगह सड़कों पर पानी भर गया वहीं कई जगहों पर सड़कें भी धंस गई है। उधर काल भैरव मंदिर में एक जर्जर मकान के मलबे के गिरने से अफरा तफरी मच गई। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अभी रूकरूक कर बारिश होती रहेगी।
पिछले कई दिनों से उमस से लोग बेचैन हो गए थे। हर कोई बारिश का इंतजार कर रहा था। इस बीच 15 सितंबर को ही मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर 16 से 18 के बीच भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी। मंगलवार को भोर में भी अच्छी बारिश हुई। सुबह करीब चार बजे से एक घंटे बारिश हुई फिर मौसम साफ हो गया।
दोपहर में धूप इतनी तेज हो गई कि लग रहा था जैसे मई जून का महीना हो। अचानक करीब दो बजे बादल छाने लगे और बूंदाबांदी शुरू हो गई। करीब तीन बजे से 4 बजे तक एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई, जिससे शहर के गोदौलिया, सिगरा, नदेसर, लहुराबीर, नई सड़क, महमूरगंज, रथयात्रा, लक्सा, पांडेयपुर आदि इलाकों में जल भराव हो गया।
इस दौरान गोदौलिया सहित कई जगहों पर सड़कें भी धंस गई, जिससे आवागमन प्रभावित रहा। उधर काल भैरव मंदिर के पास जर्जर मकान का मलबा तेज आवाज के साथ गिर गया। इस दौरान मौजूद लोगों ने जिला प्रशासन से जर्जर मकान को गिराने का कोई इंतजाम न करने पर नाराजगी जाहिर की।
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waterlogging raod varanasi
- फोटो : waterlogging raod varanasi
झूमकर बरसे बदरा, 24 घंटे में 94 मिलीमीटर बारिश :
मंगलवार को आदि शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर इंद्रदेव मेहरबान दिखे। दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। गरज-चमक के साथ बादल भी झूमकर बरसे और लोगों ने उमस से राहत महसूस की। पिछले 24 घंटे में 94 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसमें मंगलवार सुबह 8.30 बजे तक 34 मिलीमीटर जबकि सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 तक 60 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम वैज्ञानिक प्रो. राजीव बाटला के अनुसार पूर्वांचल में मानसून द्रोणिका के सक्रिय होने और लो प्रेशर बने रहने की वजह से अभी दो-तीन दिन तक बारिश ऐसे ही होती रहेगी।