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वाराणसी में आठ लाख की ठगी: गूगल पर फोन नंबर खोज मंगा रहे थे सरिया, पीड़ित ने दर्ज कराया FIR; जानें मामला

Fri, 04 Apr 2025 04:56 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Fri, 04 Apr 2025 04:56 AM IST
सार

पीड़ित ने इस मामले की जानकारी साइबर थाने में दर्ज कराई है। फोन से बात करने पर गाजियाबाद के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एक अकाउंट में रुपये मंगवाए गए। रुपये भेजने के बाद कंपनी का नंबर बंद हो गया।

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Fraud of 8 lakh rupees in Varanasi ordering iron rods searching phone numbers on Google
चुटकियों में खाली कर दिया अकाउंट। - फोटो : एजेंसी

विस्तार

Cyber Crime: गूगल पर स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) का नंबर खोजकर सरिया के लिए ऑनलाइन ऑर्डर करना बड़ागांव थाने के चिउरापुर गांव निवासी राकेश कुमार सिंह को महंगा पड़ा। साइबर ठगों ने राकेश से आठ लाख 11 हजार रुपये ठग लिए। मामले को लेकर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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राकेश ने बताया कि सरिया की आवश्यकता पड़ने पर उन्होंने गूगल के माध्यम से सेल कंपनी का नंबर खोजा। गूगल पर उन्हें जो नंबर मिला उस पर उन्होंने कॉल किया। कॉल करने पर सर्विस प्रोवाइडर श्रीकांत मिश्रा का नंबर दिया गया।
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श्रीकांत मिश्रा से बात कर उन्होंने सरिया का इस्टीमेट देने को कहा। श्रीकांत मिश्रा ने उन्हें अलग-अलग साइज के सरिया का रेट बताया। उन्होंने अपनी आश्यकता बताई तो श्रीकांत मिश्रा ने कहा कि 16 लाख 22 हजार 748 रुपये देना होगा। ऑर्डर भेजने के लिए आधा पैसा पहले कंपनी के खाते में भेजना होगा।

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पुलिस ने दर्ज किया मामला
उन्होंने कंपनी के गाजियाबाद स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अकाउंट में आठ लाख 11 हजार रुपये ट्रांसफर किया। मगर, तकनीकी गड़बड़ी से पैसा ट्रांसफर नहीं हो पाया। इस पर उन्होंने श्रीकांत से फिर संपर्क किया और उसके द्वारा बताए गए कंपनी के गाजियाबाद स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक के अकाउंट में आठ लाख 11 हजार रुपये भेजा। 

पैसा भेजने के बाद श्रीकांत से कई बार उनकी बात हुई और उसने ऑर्डर भिजवाने की बात कही। इसके बाद श्रीकांत का नंबर लगातार स्विच्ड ऑफ बताने लगा, तब जाकर उन्हें ठगी की आशंका हुई। 

वह व्यासबाग हरहुआ स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा में गए। वहां उन्हें पता लगा कि उन्होंने आठ लाख 11 हजार रुपये बिहार निवासी अजीत कुमार के अकाउंट में ट्रांसफर किए हैं। इसके बाद उन्होंने www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराई और फिर साइबर क्राइम थाने में प्रार्थना पत्र दिए।

साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए उपाय

  • पुलिस, सीबीआई, ईडी, क्राइम ब्रांच, ट्राई, कोर्ट, आरबीआई के नाम से आई किसी भी कॉल पर कभी विश्वास न करें। घबराएं या डरें भी नहीं।
  • बिजली या किसी भी अन्य किस्म के बिल अपडेट के नाम पर मैसेज या कॉल आए तो सावधान हो जाएं।- बैंक से संबंधित संवेदनशील जानकारी जैसे कि ओटीपी, पिन, सीवीवी आदि किसी के साथ साझा न करें।
  • क्रेडिट-डेबिट कार्ड एक्टीवेशन / ब्लॉक / केवाईसी के नाम पर किसी भी व्यक्ति को बैंक से संबंधित संवेदनशील जानकारी उपलब्ध न कराएं।
  • अपने मोबाइल फोन में किसी के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग एप जैसे कि एनीडेस्क, क्विकसपोर्ट या टीमव्यूअर आदि कभी इंस्टॉल न करें। किसी भी अंजान लिंक पर क्लिक करने से हमेशा बचें।
  • गूगल पर कस्टमर केयर के नाम से उपलब्ध नंबरों पर विश्वास न करें। हमेशा संबंधित कंपनी की ओरिजिनल वेबसाइट को ही देखें।
  • लोन केवल विश्वसनीय बैंक / आर्थिक संस्थान से ही लें।
  • ओएलएक्स, क्विकर या फेसबुक पर उपलब्ध सामग्रियों का भुगतान बिना भौतिक सत्यापन और जांच के कतई न करें।
  • अनजान नंबर से आई व्हाट्स एप वीडियो कॉल को रिसीव न करें।
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