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पंजीयन पर्ची के लिए अफरातफरी
संवाददाता/अमर उजाला वाराणसी
Updated Sun, 17 Jan 2016 02:20 AM IST
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डीरेका इंटर कॉलेज के मैदान पर शनिवार को विकलांगों को उपकरण बांटने के लिए
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भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) की तरफ से पंजीकरण शिविर लगाया
गया। शिविर में वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली, मऊ, आजमगढ़ के अलावा बिहार और
पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में विकलांग पंजीयन कराने यहां पहुंचे।
जबकि, यह शिविर सिर्फ प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र यानी वाराणसी के
विकलांगों के लिए लगाया गया था।
अनुमान से अधिक संख्या में विकलांगों के यहां पहुंचने से सुबह दस बजे से दो बजे तक चलने वाले पंजीकरण में व्यवधान उत्पन्न होने लगा। पंजीयन पर्ची हासिल करने के लिए अफरातफरी मच गई। डीरेका इंटर कॉलेज के मैदान पर सुबह दस बजे विकलांगों की भीड़ के बीच एलिम्को के सीएमडी डीआर सरीन ने पर्ची बंटवाना शुरू कराया। पर्ची के लिए विकलांगों की भीड़ टूट पड़ी। यह बताने के बावजूद कि बाहर से आए विकलांगों का पंजीयन नहीं होगा, भीड़ कम न हुई। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद कुछ ही देर में पर्ची के लिए अफरातफरी मच गई।
वहां मौजूद भाजपा नेताओं ने किसी तरह स्थिति संभाली। इसके साथ ही यह सूचना भी प्रसारित कराई जाने लगी कि पंजीयन से वंचित विकलांगों के शहर में नगर निगम मुख्यालय, ग्रामीण क्षेत्रों में विकास खंड मुख्यालयों पर सोमवार से शिविर लगाया जाएगा। तब जाकर भीड़ कम हुई।
डीरेका इंटर कालेज के मैदान पर पंजीयन के लिए आए विकलांगों में कुछ नैनो कार से तो कुछ खुद की ट्राई साइकल से पहुंचे। कई ऐसे भी थे जो बैसाखी के सहारे या फिर अपने भाई के कंधे पर बैठकर आए। कुछ को उनकी बहन, माता-पिता सहारा देते हुए यहां तक ले आए थे। चिलबिला कुड़ी के विकलांग हीरालाल प्रजापति और लक्ष्मीकांत अपने परिवार की नैनो गाड़ी से पहुंचे। गाजीपुर जनपद के दुल्लहपुर में पान की दूकान चलाने वाले परमानाथ अपने भाई रामअवध के कंधे पर बैठ कर आए। तीन फीट नौ इंच के संतोष सोनकर विद्यापीठ ब्लॉक के जफरपुर से अपने विकलांग दोस्त सुनील पाल भरथरा के साथ पहुंचे। वहीं विकलांग समाकलन संस्थान करौंदी के दर्जन भर छात्र उप प्राचार्य रामकेश के साथ पहुंचे थे लेकिन उनका पंजीकरण नही हो पाया।
भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम के सीएमडी डीआर सरीन ने बताया कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में विकलांगों के लिए 22 जनवरी को 3260 ट्राई साइकल, 750 ह्वील चेयर, 2220 हियरिंग हेड सहित आठ हजार उपकरण वितरित किए जाने हैं। अधिक पंजीकरण होने पर उपकरण भी और मंगाने पड़ेंगे। इसके लिए अंतिम पंजीकृत विकलांगों की संख्या सोमवार को पंजीयन होने के बाद ही स्पष्ट होगी। बताया कि प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी करने के लिए पंजीकृत विकलांगों की सूची भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम की वेबसाइट alimco.in पर उपलब्ध है।
अनुमान से अधिक संख्या में विकलांगों के यहां पहुंचने से सुबह दस बजे से दो बजे तक चलने वाले पंजीकरण में व्यवधान उत्पन्न होने लगा। पंजीयन पर्ची हासिल करने के लिए अफरातफरी मच गई। डीरेका इंटर कॉलेज के मैदान पर सुबह दस बजे विकलांगों की भीड़ के बीच एलिम्को के सीएमडी डीआर सरीन ने पर्ची बंटवाना शुरू कराया। पर्ची के लिए विकलांगों की भीड़ टूट पड़ी। यह बताने के बावजूद कि बाहर से आए विकलांगों का पंजीयन नहीं होगा, भीड़ कम न हुई। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद कुछ ही देर में पर्ची के लिए अफरातफरी मच गई।
वहां मौजूद भाजपा नेताओं ने किसी तरह स्थिति संभाली। इसके साथ ही यह सूचना भी प्रसारित कराई जाने लगी कि पंजीयन से वंचित विकलांगों के शहर में नगर निगम मुख्यालय, ग्रामीण क्षेत्रों में विकास खंड मुख्यालयों पर सोमवार से शिविर लगाया जाएगा। तब जाकर भीड़ कम हुई।
डीरेका इंटर कालेज के मैदान पर पंजीयन के लिए आए विकलांगों में कुछ नैनो कार से तो कुछ खुद की ट्राई साइकल से पहुंचे। कई ऐसे भी थे जो बैसाखी के सहारे या फिर अपने भाई के कंधे पर बैठकर आए। कुछ को उनकी बहन, माता-पिता सहारा देते हुए यहां तक ले आए थे। चिलबिला कुड़ी के विकलांग हीरालाल प्रजापति और लक्ष्मीकांत अपने परिवार की नैनो गाड़ी से पहुंचे। गाजीपुर जनपद के दुल्लहपुर में पान की दूकान चलाने वाले परमानाथ अपने भाई रामअवध के कंधे पर बैठ कर आए। तीन फीट नौ इंच के संतोष सोनकर विद्यापीठ ब्लॉक के जफरपुर से अपने विकलांग दोस्त सुनील पाल भरथरा के साथ पहुंचे। वहीं विकलांग समाकलन संस्थान करौंदी के दर्जन भर छात्र उप प्राचार्य रामकेश के साथ पहुंचे थे लेकिन उनका पंजीकरण नही हो पाया।
भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम के सीएमडी डीआर सरीन ने बताया कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में विकलांगों के लिए 22 जनवरी को 3260 ट्राई साइकल, 750 ह्वील चेयर, 2220 हियरिंग हेड सहित आठ हजार उपकरण वितरित किए जाने हैं। अधिक पंजीकरण होने पर उपकरण भी और मंगाने पड़ेंगे। इसके लिए अंतिम पंजीकृत विकलांगों की संख्या सोमवार को पंजीयन होने के बाद ही स्पष्ट होगी। बताया कि प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी करने के लिए पंजीकृत विकलांगों की सूची भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम की वेबसाइट alimco.in पर उपलब्ध है।