Flood in Varanasi: बनारस में बाढ़ की त्रासदी, त्राहिमाम कर रहे लोग, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बांटी दवाइयां
गंगा की उफनाई लहरें रविवार शाम ही श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में प्रवेश कर चुकी है। सोमवार सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 71.26 मीटर से 74 सेंटीमीटर ऊपर 72.01 मीटर तक पहुंच गया है। वरुणा पार और गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की त्रासदी में त्राहिमाम मचा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी में गंगा के जलस्तर में सोमवार को भी बढ़ाव जारी है। रफ्तार एक सेमी प्रतिघंटे की दर से है, लेकिन इसका प्रभाव अब पॉश कॉलोनियों में होने लगा है। सामनेघाट के सामने करीब दर्जनभर से अधिक कॉलोनियों में सैकड़ों मकान पानी में घिर गए हैं। उधर, वरुणा तटवर्ती इलाकों को बाढ़ तेजी से अपने आगोश में ले रहा है। गंगा की उफनाई लहरें श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में प्रवेश कर चुकी हैं। जलासेन पथ के रास्ते धाम में गंगा की लहरें घुसने के बाद पूरा रैंप पानी में डूब गया है। वहीं दूसरी तरफ गंगा ने अस्सी घाट को पूरी तरह से डूबो दिया है। अस्सी से नगवां वाली सड़क पर नावें चल रही हैं।
सोमवार सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 71.26 मीटर से 74 सेंटीमीटर ऊपर 72.01 मीटर तक पहुंच गया है। वरुणा पार और गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की त्रासदी में त्राहिमाम मचा है। जिला प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। बाढ़ में फंसे लोगों तक नाव से पहुंचकर स्वास्थ विभाग की टीम जांच के बाद जरूरी दवाइयां दे रही है।
संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ा
रमना क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. शिव शक्ति प्रसाद द्विवेदी ने नाव से भ्रमण कर लोगों की जांच कर उन्हें ओआरएस के पैकेट, क्लोरीन की गोली, पेट सम्बन्धी बीमारी से जुड़ी दवाइयां दी। इसके अलावा पानी की शुद्धता के लिए क्लोरीन की गोलियां डालने और उबाल कर पानी पीते रहने की सलाह भी दी गई।
नमो घाट पर नमस्ते स्कल्पचर डूबने में कुछ ही घंटे बाकी
गंगा में बढ़ाव का आलम ये है कि नमो घाट पर नमस्कार की मुद्रा वाली आकृति को डूबने अब कुछ ही घंटे बाकी हैं। बाकी अन्य पक्के घाटे भी धीरे-धीरे डूबते जा रहे हैं। दशाश्वमेधऔर शीतलाघाट के जरिए पानी सड़क होते हुए सब्जी मंडी के तक पहुंच गई है। ग्रामीण इलाकों में रमना, डाफी, चिरईगांव, व चौबेपुर आदि इलाकों के दर्जनभर से अधिक गांवों का सम्पर्क आसपास से कट गया है।
15 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित
गंगा के रौद्र रूप के कारण आई बाढ़ से शहर में 19 बाढ़ राहत शिविर बनाए गए हैं। इसमें 661 परिवार के 3432 बाढ़ पीड़िताें को शरण दी गई है। राहत एवं बचाव के लिए 58 नावें लगाई गई हैं। बाढ़ से जनपद के कुल 20 वार्ड, 99 ग्राम सभा सहित कुल 119 ग्राम सभा एवं वार्ड के 15318 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। 19 राहत चौकी स्थापित की गईं हैं।