Varanasi: इकलौते बेटे के सिर पर पिता ने बटखरा से किया वार, अस्पताल में मौत, इस कारण वारदात
वाराणसी के परसादपुर गांव में शराब पीने और जुआ खेलने के आदी इकलौते बेटे से आजिज आकर पिता ने उसके सिर पर बटखरा (बाट) से वार कर दिया। घायल बेटे की उपचार के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया।
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शराब पीने और जुआ खेलने के आदी इकलौते बेटे से आजिज आकर पिता ने उसके सिर पर बटखरा (बाट) से वार कर दिया। घायल बेटे की उपचार के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। बड़ागांव थाने की पुलिस ने आरोपी पिता वाराणसी के परसादपुर गांव निवासी प्रेमू कन्नौजिया को गैर इरादतन हत्या के आरोप में शनिवार को गिरफ्तार किया। प्रेमू को अदालत में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
बड़ागांव थाना क्षेत्र के परसादपुर गांव के रहने वाले प्रेमू कन्नौजिया की भोजूबीर में कपड़ा प्रेस करने की दुकान है। प्रेमू का इकलौता बेटा रोहित उर्फ राहुल (30) शराब और जुआ की लत के चक्कर में अपने घर का सामान गिरवी रख देता था। इसके पहले शराब और जुआ के चक्कर में राहुल पैतृक जमीन भी बेच चुका था।
26 मई को हुई रोहित की मौत
बीते नौ मई को नशे की हालत में राहुल ने अपने पिता से झगड़ा कर रहा था। गुस्साए प्रेमू ने समीप ही रखे 500 ग्राम के बटखरा (बाट) से उसके सिर पर वार कर दिया। इसके बाद घायल बेटे को शिवपुर स्थित एक निजी अस्पताल ले जाकर उपचार के लिए भर्ती कराया। उपचार के दौरान 26 मई को रोहित उर्फ राहुल की मौत हो गई।
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इस संबंध में बड़ागांव थानाध्यक्ष बृजेश सिंह ने बताया कि हॉस्पिटल से मिली सूचना के आधार पर रोहित उर्फ राहुल के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। ग्रामीणों से मिली जानकारी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर प्रेमू कन्नौजिया को शनिवार को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही के आधार पर वारदात में प्रयुक्त बटखरा (बाट) बरामद किया गया।
आजिज आ गया था साहब, गुस्से में मार दिया था
रोहित उर्फ राहुल के गंभीर रूप से घायल होने के बाद प्रेमू ने बड़ागांव थाने में अज्ञात के खिलाफ हमला करने का मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि, जांच में जब वही आरोपी निकला तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बड़ागांव थानाध्यक्ष की पूछताछ में प्रेमू ने कहा कि बेटे की करतूतों से आजिज आ गया था। गुस्से में उसके सिर पर बटखरा (बाट) से वार किया था। पैसा लगाकर भरपूर उपचार भी कराया, लेकिन वह बच नहीं पाया।
प्रेमू ने बताया कि बेटा आए दिन नशे की हालत में उसे और परिवार के अन्य लोगों को मारता-पीटता था। नशे के चक्कर में घर का सामान गिरवी रखने या जमीन बेचने में संकोच भी नहीं करता था। बेटे के चक्कर में घर में रोजाना कलह होती थी। प्रेमू ने कहा कि नियति को शायद यही मंजूर था। अब जो किया हूं, उसकी सजा तो काटना ही पड़ेगा।