फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Adipurush Movie Sant Samaj of Varanasi opposed Adipurush said do not become part of paap

Adipurush: 'आदिपुरुष' का काशी के संत समाज ने किया विरोध, कहा- फिल्म देखकर पाप का भागी न बनें

Sun, 18 Jun 2023 12:37 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 18 Jun 2023 12:37 PM IST
सार

आदिपुरुष फिल्म के डायलॉग लेखन जिस तरह से हुआ, वह संतों को पच नहीं रहा है। काशी के संतों ने इस फिल्म का विरोध किया है। कहा है कि  सनातन धर्म में तथ्यों के साथ छेड़छाड़, महापुरुषों व परमात्मा का सरलीकरण करना अक्षम्य अपराध है। 

विज्ञापन
Adipurush Movie Sant Samaj of Varanasi opposed Adipurush said do not become part of paap
आदिपुरुष - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बहुप्रतीक्षित फिल्म आदिपुरुष फिल्म रिलीज होने के बाद से ही विवादों के घेरे में है। काशी के संत समाज ने भी फिल्म का विरोध शुरू कर दिया है। अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि आदिपुरुष फिल्म के डायलॉग लेखन जिस तरह से हुआ, वह संतों को पच नहीं रहा है।

विज्ञापन


उन्होंने इसके डायलॉग लेखक मनोज मुंतशिर शुक्ला पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में तथ्यों के साथ छेड़छाड़, महापुरुषों व परमात्मा का सरलीकरण करना अक्षम्य अपराध है। धर्म की क्षेत्र मर्यादा चाहती है, शब्दों का चयन शत्रुओं के लिए भी मर्यादित ही होता है। मर्यादाविहीन पटकथा लेखक और निर्देशक ऐसे कभी स्वीकार नहीं किए जा सकते हैं।
विज्ञापन

ये भी पढ़ें: रामायण का रूपांतरण नहीं है 'आदिपुरुष', फिल्म के डायलॉग को लेकर हुए विवाद पर बोले लेखक मनोज मुंतशिर

विज्ञापन
विज्ञापन

सिनेमा के जरिये सनातन धर्म व संस्कृति पर हो रहा आघात

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सनातनधर्मियों को आदि पुरुष फिल्म न देखने के लिए धर्मादेश जारी किया है। केदार घाट स्थित श्रीविद्यामठ में एक वक्तव्य जारी कर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि देखने व सुनने से भी व्यक्ति पुण्य व पाप का भागी बनता है।

Adipurush Movie Sant Samaj of Varanasi opposed Adipurush said do not become part of paap
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

उन्होंने कहा कि देव, गुरु व तीर्थ दर्शन से मनुष्य पुण्य का भागी बनता है वहीं अधर्म, अश्लीलता आदि देखने से मनुष्य पाप का भागी बनता है। उसी प्रकार सुनने व बोलने से भी मनुष्य पुण्य व पाप का भागी बनता है। इसलिए पैसे से टिकट खरीद कर कोई भी व्यक्ति इस फिल्म को देखकर पाप का भागी न बने। आदिपुरुष फिल्म में पौराणिक व धार्मिक मूल्यों का उपहास उड़ाया गया है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि  फिल्म के पात्रों का वस्त्र व उनका संवाद अत्यंत स्तरहीन है। जहां रामचरित मानस सदैव से धर्म व मर्यादा की शिक्षा देकर हमें आदर्श जीवन जीने हेतु प्रेरित करता हैं। वहीं इस फिल्म में पौराणिक परंपरा व संस्कृति का मखौल उड़ाने के साथ ही अमर्यादित ढंग से भगवान राम, माता सीता, हनुमान जी सहित अन्य पात्रों का चरित्र चित्रण किया गया है। सिनेमा के जरिये सनातन धर्म एवं संस्कृति पर गहरा आघात पहुंचाने का प्रयास निरंतर जारी है वह किसी भी प्रकार से सहनीय नही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed