UP: खाद्यान्न घोटाले में तीन कोटेदारों को EOW ने किया अरेस्ट, दो दशक पुराने मामले में एक्शन; आरोपियों को जेल
Varanasi News: खाद्यान्न घोटाले के करीब दो दशक पुराने मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन कोटेदारों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी जौनपुर से की गई। जांच में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न वितरण में अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप सामने आए हैं।
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UP News: मछलीशहर में दो दशक पुराने खाद्यान्न घोटाले में आरोपी तीन कोटेदारों मोहम्मद अहमद, लालबहादुर मौर्य और गयादीन यादव को ईओडब्ल्यू की टीम ने शनिवार को जौनपुर के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों को भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। 6.29 लाख रुपये के गबन मामले में आरोपियों की संलिप्तता थी।
ईओडब्ल्यू के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में हमजापुर निवासी मोहम्मद अहमद, शाहगंज निवासी लालबहादुर मौर्य और मछलीशहर के जमालपुर निवासी गयादीन यादव शामिल हैं। वर्ष 2004-05 के बीच केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत जौनपुर के मछलीशहर ब्लॉक के विभिन्न गांवों में क्षेत्र पंचायत अंश से जनहित में नाली निर्माण, संपर्क मार्ग, मिट्टी भराई आदि कार्य कराए जाने थे।
कार्य में लगे मजदूरों को मजदूरी के बदले खाद्यान्न (चावल) वितरित किया जाना था, लेकिन जिम्मेदार बीडीओ, कार्य प्रभारी, कोटेदारों आदि द्वारा वित्तीय अनियमितता करते हुए खाद्यान्न का वितरण नहीं किया गया। इस संबंध में वर्ष 2019 में ईओडब्ल्यू वाराणसी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले में थाना क्षेत्र सरपतहा निवासी दो कोटेदारों मोहम्मद अहमद व लालबहादुर मौर्य तथा मछलीशहर निवासी गयादीन यादव को गिरफ्तार किया गया।
निरीक्षक सहजानंद श्रीवास्तव, निरीक्षक रविंद्र प्रताप यादव, करुणेश सिंह व जय प्रकाश मिश्रा तथा मुख्य आरक्षी प्रिंस तिवारी ने दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी कोटा की दुकानों के संचालक हैं। इन्होंने अन्य आरोपियों से मिलीभगत कर कूटरचित अभिलेखों के आधार पर धोखाधड़ी करते हुए शासकीय धनराशि 6,29,083 रुपये का गबन किया। - प्रदीप कुमार, पुलिस अधीक्षक, इओडब्ल्यू वाराणसी