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खुराक डेढ़ सौ रुपये की, लक्ष्य जीत का
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Thu, 06 Aug 2015 02:27 AM IST
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वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने खेलों के प्रोत्साहन के लिए अपनी झोली खोली है। विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स हॉस्टल बनाने के साथ ही हॉकी के लिए एस्ट्रोटर्फ मैदान बनाने की तैयारी है। विश्वविद्यालय ने इसके लिए एक कमेटी का गठन किया है। यही कमेटी हॉस्टल और हॉकी मैदान के लिए स्थान का चयन करेगी। खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए तो विश्वविद्यालय प्रयासरत है मगर खिलाड़ियों की डाइट मनी छह साल से यथावत है। महंगाई छह साल में दूनी हो गई मगर डाइट मनी जस की तस 150 रुपये ही है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर डेढ़ सौ रुपये की खुराक में खिलाड़ी पदक कैसे जीतेंगे।
बीएचयू के खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं पर गौर करें तो यहां डाइट मनी महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से भी कम है। बीएचयू अपने खिलाड़ियों पर डाइट मनी के रूप में 150 रुपये खर्च करता है जबकि काशी विद्यापीठ और पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 400 रुपये डाइट मनी मिलती है। यह पैसा ईस्ट जोन इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट के अलावा सभी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए समान है। इसी तरह
कैंप में शामिल खिलाड़ियों को नाश्ते के लिए महज 25 रुपये का ही भुगतान होता है। टूर्नामेंट में शिरकत करने वाली टीम के सदस्यों को एक हजार रुपये किट के लिए दिए जाते हैं। जबकि काशी विद्यापीठ अपने खिलाड़ियों को किट के लिए 1800 रुपये देता है। बीएचयू क्रीड़ा परिषद के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विश्वविद्यालय का खेल बजट लगभग 25 लाख रुपये का है। जबकि कुल 40 टीमें साल भर में अलग-अलग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने शहर से बाहर जाती हैं।
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बीएचयू के खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं पर गौर करें तो यहां डाइट मनी महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से भी कम है। बीएचयू अपने खिलाड़ियों पर डाइट मनी के रूप में 150 रुपये खर्च करता है जबकि काशी विद्यापीठ और पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 400 रुपये डाइट मनी मिलती है। यह पैसा ईस्ट जोन इंटर यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट के अलावा सभी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए समान है। इसी तरह
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कैंप में शामिल खिलाड़ियों को नाश्ते के लिए महज 25 रुपये का ही भुगतान होता है। टूर्नामेंट में शिरकत करने वाली टीम के सदस्यों को एक हजार रुपये किट के लिए दिए जाते हैं। जबकि काशी विद्यापीठ अपने खिलाड़ियों को किट के लिए 1800 रुपये देता है। बीएचयू क्रीड़ा परिषद के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विश्वविद्यालय का खेल बजट लगभग 25 लाख रुपये का है। जबकि कुल 40 टीमें साल भर में अलग-अलग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने शहर से बाहर जाती हैं।
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