इलाज कराने सरकारी अस्पताल गए डीएम, डॉक्टर के चेंबर में पहुंचे तो देखा...
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सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति तो सबको पता है। सरकारी अफसर जब निरीक्षण के लिए पहुंचता है तो सभी डॉक्टर अपनी ड्यूटी पर मौजूद मिलेंगे। लेकिन जब वही सरकारी अफसर जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे और डॉक्टर नदारद मिले तो बात बेहद हैरान करने वाली होती है। कुछ ऐसा ही हुआ है उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के जिलाधिकारी के साथ।
मऊ के जिला अस्पताल में शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे मरीजों की भीड़ लगी हुई थी। इसी दैरान मऊ के जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी अपना इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे और सीधे सीएमएस डॉ. बृजकुमार के चेंबर में चले गए। लेकिन सीएमएस अपने चेंबर से नदारद थे। पांच या दस मिनट नहीं, बल्कि डीएम पूरे 20 मिनट तक सीएमएस के चेंबर में उनका इंतजार करते रहे।
इसके बाद जब किसी स्वास्थ्य कर्मी ने डीएम को अस्पताल में देखा तो सीधे जा कर सीएमएस को बताया। डीएम के मौजूदगी की खबर सुनते ही सीएमएस के साथ-साथ सभी डॉक्टर अपने-अपने चेंबर में लौट आए। इसके बाद सीएमएस ने डीएम का इलाज किया। हालांकि डीएम ने अस्पताल का निरीक्षण नहीं किया।
जिलाधिकारी के पैर के अंगूठे में था दर्द
सीएमएस डॉ. बृजकुमार ने बताया कि डीएम के पैर के अंगूठे में समस्या होने पर इसलिए वे उपचार के लिए आए हुए थे। उधर, अस्पताल में जिलाधिकरी की मौजूदगी का आलम यह रहा कि चिकित्सक से लेकर आम कर्मचारी तक अपने कामों पर डटा रहा। यह देख कर मरीज और तीमारदार भी हैरत में रहे कि अचानक यह तब्दीली कैसी। बाद में उन्हें डीएम की मौजूदगी का पता चला तो सारी बातें उनके समझ में आ गईं।