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Varanasi News: ब्लड बैंकों में चार गुना बढ़ी प्लेटलेट्स की मांग, एसडीपी पर विशेष जोर
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जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ने के साथ ही बीएचयू, मंडलीय अस्पताल, दीनदयाल अस्पताल के साथ ही आईएमए ब्लड बैंक पर हर दिन मरीजों के परिजन प्लेटलेट्स के लिए पहुंच रहे हैं। आईएमएस के अध्यक्ष डॉ. राहुल चंद्रा के अनुसार यह सीजन डेंगू के लिए प्रभावी होता है। सामान्य दिनों में जहां पांच से 10 यूनिट प्लेटलेट्स जाती थी, वहीं पिछले 10-15 दिन से यह संख्या 35 से 40 पहुंच जा रही है। इसमें भी लोगों को एसडीपी यानी सिंगल डोनर प्लेटलेट्स के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इस बीच मंगलवार को नेवादा और चितईपुर में डेंगू के दो मरीज मिले। वहीं सारनाथ, रामनगर, महामना पूरी कॉलोनी समेत 16 घरों में डेंगू का लार्वा भी मिला। जिस पर संबंधित लोगों को नोटिस दिया गया। 15 जुलाई के बाद से डेंगू मरीजों का आंकड़ा धीरे धीरे बढ़ता हुआ मंगलवार को 67 तक पहुंच गया। मरीजों में सबसे अधिक 55 शहरी क्षेत्र के हैं जबकि 12 मरीज ग्रामीण इलाकों में हैं।
स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति कर रहे जागरूक
आईएमएस के अध्यक्ष डॉ. राहुल चंद्रा ने बताया कि मरीजों की सेहत को ध्यान में रखते हुए फिजिशियन को प्लेटलेट्स का जो मानक है, उसका पालन करना चाहिए। उधर, बीएचयू ब्लड बैंक से भी इन दिनों प्लेटलेट्स की मांग बढ़ी है। प्रभारी डॉ. संदीप के अनुसार ब्लड बैंक में इन दिनों 20 से 30 प्लेटलेट्स दिया जा रहा है जो कि सामान्य दिन में 10 से 15 रहता है। लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
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20 हजार से कम हो तभी चढ़ाएं प्लेटलेट्स : सीएमओ
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी का कहना है कि प्लेटलेट्स को लेकर चिकित्सकों को भी सतर्कता बरतने की जरूरत है। यदि किसी मरीज के शरीर में 20 हजार से कम प्लेटलेट्स काउंट हो तो ही प्लेटलेट्स चढ़ाने के बारे में सोचना चाहिए। निजी अस्पतालों के चिकित्सकों को भी इस मानक का पालन करते हुए अनावश्यक मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने से बचने को कहा गया है। यह भी ध्यान देने की जरूरत है कि वायरल फीवर में भी प्लेटलेट्स काउंट कम होता है। इससे किसी को घबराना नहीं चाहिए। सरकारी अस्पतालों में जांच की निशुल्क व्यवस्था है, जिसका लाभ उठाना चाहिए।
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इस बीच मंगलवार को नेवादा और चितईपुर में डेंगू के दो मरीज मिले। वहीं सारनाथ, रामनगर, महामना पूरी कॉलोनी समेत 16 घरों में डेंगू का लार्वा भी मिला। जिस पर संबंधित लोगों को नोटिस दिया गया। 15 जुलाई के बाद से डेंगू मरीजों का आंकड़ा धीरे धीरे बढ़ता हुआ मंगलवार को 67 तक पहुंच गया। मरीजों में सबसे अधिक 55 शहरी क्षेत्र के हैं जबकि 12 मरीज ग्रामीण इलाकों में हैं।
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स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति कर रहे जागरूक
आईएमएस के अध्यक्ष डॉ. राहुल चंद्रा ने बताया कि मरीजों की सेहत को ध्यान में रखते हुए फिजिशियन को प्लेटलेट्स का जो मानक है, उसका पालन करना चाहिए। उधर, बीएचयू ब्लड बैंक से भी इन दिनों प्लेटलेट्स की मांग बढ़ी है। प्रभारी डॉ. संदीप के अनुसार ब्लड बैंक में इन दिनों 20 से 30 प्लेटलेट्स दिया जा रहा है जो कि सामान्य दिन में 10 से 15 रहता है। लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
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20 हजार से कम हो तभी चढ़ाएं प्लेटलेट्स : सीएमओ
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी का कहना है कि प्लेटलेट्स को लेकर चिकित्सकों को भी सतर्कता बरतने की जरूरत है। यदि किसी मरीज के शरीर में 20 हजार से कम प्लेटलेट्स काउंट हो तो ही प्लेटलेट्स चढ़ाने के बारे में सोचना चाहिए। निजी अस्पतालों के चिकित्सकों को भी इस मानक का पालन करते हुए अनावश्यक मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने से बचने को कहा गया है। यह भी ध्यान देने की जरूरत है कि वायरल फीवर में भी प्लेटलेट्स काउंट कम होता है। इससे किसी को घबराना नहीं चाहिए। सरकारी अस्पतालों में जांच की निशुल्क व्यवस्था है, जिसका लाभ उठाना चाहिए।