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Varanasi News: चक्रवाती हवाओं ने मचाई तबाही, कई क्षेत्रों में दूसरे दिन भी बिजली की बहाली नहीं हो पाई
Mon, 05 May 2025 08:31 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Mon, 05 May 2025 08:31 PM IST
सार
चक्रवाती हवाओं के कारण विद्युत व वन विभाग को ज्यादा नुकसान हुआ है। बिजली की बहाली कई क्षेत्रों में दूसरे दिन भी नहीं हो पाई और फसलों पर भी प्रभाव देखने को मिला है। आलम ये है कि जनता अब व्यवस्था का इंतजार कर रही है।
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चक्रवात से हुआ नुकसान
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
पिंडरा क्षेत्र में रविवार को दोपहर में आई चक्रवाती हवाओ ने मचाही तबाही में जहां आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा वही छप्पर में रहने वाले लोगों को बेघर कर दिया। वही दूसरे दिन भी अधिकांश क्षेत्रो में आपूर्ति बहाल नही हो पाई थी। विद्युत विभाग के लोग खम्बे गाड़ने व तार को ठीक करने में जुटे रहे।
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एसडीओ पिंडरा शुभम जैन ने बताया कि चक्रवाती हवाओं के चलते 33 हजार लाइन वाले 40 खंबे व एलटी लाइन वाले 38 खम्बे उखड़ गिर गए। वही लगभग 70 इंसुलेटर व जंफर क्षतिग्रस्त हो गए। जिसमे अधिकतर ठीक कर लिए गए , केवल ज़्यादा प्रभावित क्षेत्र फूलपुर व बिन्दा फीडर की आपूर्ति प्रभावित है।
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उसे देर शाम तक ठीक कर लिया जाएगा। वही विद्युतापूर्ति दो दिनों से बन्द होने से पिंडरा, थानारामपुर, फूलपुर व करखियाव पेयजल निगम की जलापूर्ति भी ठप है। जिससे लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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वही चक्रवाती हवाओं के चलते सैकड़ो घरों के टिन शेड, सीमेंट की चादर उड़ गए। कई लोग बिना छत के हो गए। रामपुर के तेज पाल ने बताया कि 26 सीमेंट के छप्पर लगे थे जो आंधी में उड़ गए। वही दबेथुवा स्थित इंटर कालेज के सीमेंट टिन शेड हवा में दूर जा गिरे।
जिससे बच्चे अब बिना छत के पढ़ेंगे। सबसे ज्यादा नुकसान विद्युत विभाग और वन विभाग को पहुचा। जहां दर्ज़नो खम्बे व तार धराशाही हो गए वही सैकड़ो की संख्या में सड़क के किनारे लगे पेड़ उखड़ गए। चक्रवाती हवाओं के चलते मची तबाही का जायजा राजस्व विभाग व विद्युत विभाग के लोग करने में लगे रहे।