लॉकडाउन में रहें सावधान: साइबर क्राइम में पैर फैला रहे जालसाज, कार बेचने के बहाने खाते से उड़ा लिए 50000
डिजिटल लेन-देन बढ़ने के साथ ही साइबर क्राइम में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। जालसाज तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर लोगों को चपत लगा रहे हैं। जौनपुर में ही ठगी का ऐसा ही मामला सामने आया है।
ओएलएक्स पर सस्ती कार खरीदने का लालच देकर जालसाजों ने एक शख्स के खाते का विवरण(डिटेल) हासिल कर लिया। इसके बाद 50 हजार रुपये निकाल लिए। पुलिस विभाग के साइबर सेल की सतर्कता से उसके रुपये तो वापस हो गए, लेकिन जालसाजों का पता नहीं चल सका।
जौनपुर निवासी नंदसागर गुप्ता ने ओएलएक्स पर एक कार पसंद की। उसकी खरीदारी के लिए उन्होंने तस्वीर के साथ पोस्ट नंबर पर कॉल किया तो फोन रिसीव करने वाले शख्स ने खुद को कार मालिक संजय कुमार बताते हुए साढ़े 3 लाख की कार ढाई लाख में देने पर सहमति जताई, मगर इसके लिए कुछ रुपये एडवांस भुगतान करने का कहा।
कार वाले ने कहा कि यह पैसा नहीं देते तो आर्डर बुक नहीं माना जाएगा। पेटीएम से जैसे ही नंदसागर ने 10 हजार रुपये भेजे, उसके कुछ देर बाद ही खाते से 40 हजार रुपये और निकाल लिए गए। ठगी की जानकारी होते ही पीड़ित ने एसपी से गुहार लगाई।
एसपी अशोक कुमार के निर्देश पर सक्रिय साइबर सेल ने उस नंबर को ट्रेस किया तो वह फर्जी नाम-पते पर लिया गया था। खाते की डिटेल के माध्यम से टीम दूसरे राज्यों में बैठे जालसाज तक पहुंची। पुलिस के दवाब पर उसने खाते में 50 हजार रुपये वापस किए। एसपी अशोक कुमार ने बताया कि साइबर सेल के प्रभारी शाहिद अली, आरक्षी ओमप्रकाश जायसवाल की टीम की मदद से रुपये वापस हुए हैं। उन्होंने जालसाजों से सावधान रहने की अपील की है।
ऐसे शिकार बना रहे जालसाज
एसपी ने बताया कि साइबर जालसाज ईएमआई में छूट, पीएम केअर फंड, फेसबुक मैसेंजर, केवाईसी अपडेट, राशन वितरण, रोजगार के लिए पंजीकरण, ऑनलाइन खरीद-डिलीवरी आदि के नाम पर झांसा देकर खाते का डिटेल ले लेते हैं और फिर उसमें मौजूद राशि निकाल ले रहे हैं। लिहाजा किसी भी व्यक्ति से ऐसी जानकारी साझा न करें।