फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   urban sealing land Banama in crores of rupees in a fake way varanasi mumbai construction company

सरकारी जमीन का फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये में बैनामा, बनारस और मुंबई की कंपनी को बेची

Wed, 25 Sep 2019 11:35 AM IST
गीतार्जुन गौतम शशांक मिश्र, अमर उजाला, वाराणसी
शशांक मिश्र, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Wed, 25 Sep 2019 11:35 AM IST
विज्ञापन
urban sealing land Banama in crores of rupees in a fake way varanasi mumbai construction company
यही साढ़े चार एकड़ जमीन बेच दी गई। - फोटो : अमर उजाला

सरकारी जमीनों को लेकर भले ही शासन गंभीर बना हुआ है, मगर अफसरों की मिलीभगत से बनारस में जमीन का एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। वर्षो पहले घोषित हुई अर्बन सीलिंग की जमीन को करोड़ों रुपये में बैनामा करा लिया गया है। बनारस और मुंबई की दो कंस्ट्रक्शन कंपनियों ने इस पूरी जमीन का बैनामा करा लिया।

विज्ञापन


मामला संज्ञान में आने के बाद प्रशासन ने इसकी जांच शुरू की तो प्राथमिक स्तर पर ही फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। गलत सूचना देने पर सदर तहसील के लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। इसी मामले में कानूनगों के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है। जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच अपर जिलाधिकारी नागरिक आपूर्ति को सौंपी है।
विज्ञापन


पांडेयपुर में साढ़े चार एकड़ में राय साहब का बगीचा है और वर्ष 1998 में इस पूरी जमीन को प्रशासन ने अधिग्रहित कर लिया था। इस जमीन को अर्बन सीलिंग की जमीन घोषित करते हुए वाराणसी विकास प्राधिकरण को सौँप दिया गया था। इस बीच 13 सितंबर 2019 को न्यायालय में वाद करने वाली महिला ने बनारस की रघुकुल कंस्ट्रक्शन और मुंबई की दादू डेवलपर्स को करोड़ों रुपये में जमीन का बैनामा कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसमें तहसील कर्मचारियों की मिलीभगत से हुए इस फर्जीवाड़े की शिकायत हुई तो मामले का खुलासा हुआ। जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने फर्जीवाड़े में संलिप्त लेखपाल को निलंबित कर दिया और कानूनगो के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। यहां बता दें कि वर्ष 1998 में जमीन का अधिग्रहण होने के बाद जमीन पर मालिकाना हक का दावा करने वाली एक महिला ने स्थानीय न्यायालय में वाद दाखिल किया था।

न्यायालय में हारने के बाद उसने जिला जज के न्यायालय में इसकी अपील की। यहां भी विपरित आदेश के बाद इस मामले को हाईकोर्ट में ले गई, मगर वहां से भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय में प्रशासन के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल की है। जमीन का बैनामा होने के बाद जिलाधिकारी ने पूरी फाइल तलब कर ली है और एडीएम नलिनकांत सिंह को जांच सौंपी है। प्राथमिक जांच में फर्जीवाड़ा कर जमीन के बैमाने की पुष्टि हो गई है। इसमें पुराने दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है और उसका परीक्षण कराया जा रहा है।

एक करोड़ 42 लाख जमा हुई है स्टांप ड्यूटी
शहर के बीच स्थित करोड़ों रुपये की साढ़े चार एकड़ जमीन का बैनामा करवाने के लिए एक करोड़ 42 लाख रुपये की स्टांप ड्यूटी जमा कराई गई है। सबसे अहम बात यह है कि बैनामा करवाने वालों में पूर्वांचल के बाहुबली एमएलसी के पुत्र की कंपनी और मुंबई की कंपनी शामिल है। यही कारण है कि प्रशासनिक अधिकारी भी इस मामले में खुलकर बोलने से बच रहे हैं।

कार्रवाई के लिए ली जा रही है विधिक राय
इस मामले में बैनामा करने और करवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कई स्तर पर विधिक राय ली जा रही है। सूत्रों की माने तो जिला प्रशासन इस बैनामे को अवैध घोषित कर निरस्त करने की तैयारी में है। इसके अलावा बैनामा करने और करवाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि अर्बन सीलिंग की जमीन का फर्जी तरीके से बैनामे की जांच कराई जा रही है। इस फर्जीवाड़े में शामिल सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो रही है। इसमें विधिक राय के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एडीएम पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

एडीएम नागरिक आपूर्ति नलिनी कांत सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में कागजों की हेराफेरी कर जमीन के बैनामे की पुष्टि हो रही है। इसमें अर्बन सीलिंग की जमीन घोषित होने के बाद न्यायालय ने भी प्रशासन के पक्ष में फैसला दिया है। इसके बाद भी बैनामा करना और करवाना गैरकानूनी है। जिलाधिकारी के निर्देश  पर जांच की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed