फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   pwd contractor avdhesh suicide case committee submitted investigation report to Secretary varanasi

ठेकेदार आत्महत्या : जांच टीम ने प्रमुख सचिव को सौंपी रिपोर्ट, इसलिए खुदकुशी करने को मजबूर हुए अवधेश

Sun, 01 Sep 2019 09:43 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sun, 01 Sep 2019 09:43 AM IST
विज्ञापन
pwd contractor avdhesh suicide case committee submitted investigation report to Secretary varanasi
ठेकेदार अवधेश श्रीवास्तव ने खुद को गोली मारी। - फोटो : अमर उजाला

वाराणसी का पीडब्ल्यूडी ठेकेदार अवधेश श्रीवास्तव स्थानीय इंजीनियरों के गुमराह करने से खुदकुशी के लिए मजबूर हुआ था। अवर अभियंता और सहायक अभियंता ने लेखाकार से मिलकर उसे समझा दिया कि बिना एमबी (नाप-जोख) के ही उसे भुगतान करवा दिया जाएगा।

विज्ञापन


इसके एवज में उससे पहले ही वसूली कर ली गई। लेकिन, नियम-कायदों का पालन न होने पर जब फाइल फंसी तो सभी ने हाथ खड़े कर दिए। नतीजतन, कर्ज में डूबे ठेकेदार को खुद को गोली मार लेने के अलावा कोई और विकल्प नहीं दिखा। इस मामले में सचिव, पीडब्ल्यूडी समीर वर्मा की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट शनिवार की शाम शासन को सौंप दी।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें : जेल में कैदियों ने जमकर काटा बवाल, भोजन मानक के अनुसार नहीं देने का लगाया आरोप
विज्ञापन
विज्ञापन


शासन ने इस रिपोर्ट को शनिवार को मीडिया के सामने सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन सूत्रों के मुताबिक जांच समिति ने ठेकेदार स्वर्गीय अवधेश श्रीवास्तव से संबंधित कुल 25 बिलों की गहन जांच की। अवेधश को स्वास्थ्य विभाग की बिल्डिंग बनाने का ठेका दिया गया था। इसकी कुल लागत 19 करोड़ रुपये है। जबकि, अवधेश के साथ प्रारंभ में परियोजना से संबंधित 8.5 करोड़ रुपये का बॉन्ड एग्रीमेंट किया गया था।

बाद में उसे बिजली से संबंधित काम समेत कुछ और कार्य भी दिए गए। इससे उसके काम की कुल लागत 11 करोड़ रुपये पहुंच गई। इसमें से अलग-अलग समय पर प्रस्तुति किए गए 24 बिलों का करीब 10.50 करोड़ रुपये का भुगतान उसे कर दिया गया था।

ये भी पढ़ें : सोनभद्र नरसंहार : एक और घायल महिला ने तोड़ा दम, दस की पहले हो चुकी है मौत

48 लाख रुपये का 25वां बिल था। इसे जेई, एई और लेखाकार ने बिना एमबी (नाप-जोख) किए ही भुगतान के लिए एक्सईएन कार्यालय भेज दिया था। यहां बता दें कि एमबी करने की जिम्मेदारी जेई की होती है, जबकि उसे चेक एई और लेखाकार करते हैं। इन तीनों ने ठेकेदार को भरोसा दिलाया कि बिना एमबी केही भुगतान करा दिया जाएगा। लेकिन, जब बिल एक्सईएन के पास पहुंचे तो उन्होंने इस पर आपत्ति लगा दी।

इसके बाद भुगतान के लिए ठेकेदार ने जेई, एई से लेकर चीफ इंजीनियर तक से गुहार लगाई, पर किसी ने नहीं सुना। जांच कमेटी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अवधेश श्रीवास्तव को यह काम चार साल पहले दिया गया था। चार साल पहले के रेट के मुकाबले वर्तमान में रेट काफी बढ़ गए थे, इसलिए भी अवधेश श्रीवास्तव काफी परेशान था।

ये भी पढ़ें : संविधान का अनुपालन कराना मेरी नैतिक जिम्मेदारी : कलराज मिश्र

स्थानीय इंजीनियर उस पर काम जल्द पूरा करने का दबाब तो बना रहे थे, साथ ही अपना कमीशन भी छोड़ने को तैयार नहीं थे। इसका परिणाम यह हुआ कि अवधेश श्रीवास्तव के लिए यह प्रोजेक्ट घाटे का सौदा साबित हो रहा था। देनदारियों को लेकर उसे अपना भविष्य अंधकारमय महसूस होने लगा, जिसकी चिंता के चलते वह अवसाद में आ गया था।

जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में इस घटना के लिए एई, जेई, लेखाकार और दो बाबुओं को जिम्मेदार ठहराया है। इसके अलावा ऊपर के अधिकारियों पर पर्यवेक्षण ठीक से न करने की रिपोर्ट भी दी है। इसके चलते दफ्तर में गड़बड़ियां बढ़ीं।

जांच टीम से जुड़े एक अधिकारी ने नाम न छापने के आग्रह के साथ बताया कि पूर्वांचल में पीडब्ल्यूडी में बिना एमबी भुगतान की समस्या इतनी ज्यादा है कि इसे दूर करने के लिए बड़ा नश्तर चलाने की आवश्यकता है। उसका यहां तक कहना है कि पूर्वांचल के कई जोन में ही कुएं में भांग पड़ी होने जैसी स्थिति है। इसे दूर करने के लिए कठोर कार्रवाई के साथ-साथ बड़े सुधारात्मक कदम उठाने की भी आवश्यकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed