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उज्जैन: यूरोप भेजने के नाम पर 27 लाख से ज्यादा की ठगी, नौकरी का झांसा देकर ऐंठे लाखों; आरोपी पुर्तगाल भागा
Sat, 29 Aug 2026 01:28 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2026 01:28 PM IST
सार
उज्जैन के चिमनगंज थाना क्षेत्र में यूरोप भेजने और विदेश में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 27 लाख रुपये से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने अजीत जैन और फलक हुसैन के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
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चिमनगंज थाने का है पूरा मामला
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
विदेश में नौकरी लगवाने और यूरोप भेजने के नाम पर उज्जैन में परिचितों से 27 लाख रुपये से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। चिमनगंज थाना पुलिस ने जांच के बाद इंदिरा नगर में मणिभद्र स्टेशनरी चलाने वाले अजीत जैन (निवासी खंडेलवाल नगर) और उसकी परिचित फलक हुसैन (निवासी उत्तर प्रदेश) के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने मिलकर अलग-अलग लोगों को यूरोप भेजने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठे। वारदात के बाद आरोपी अजीत जैन खुद पुर्तगाल भाग गया।
नौकरी का झांसा देकर ऐंठे 7.50 लाख रुपये
कमल कॉलोनी निवासी फरियादी बादल टंकारिया (पिता भूपेंद्र टंकारिया) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मार्च 2025 में आरोपी अजीत जैन ने उसके पिता से संपर्क किया था। उसने दावा किया कि वह बादल की यूरोप में नौकरी लगवा सकता है और उसकी परिचित फलक हुसैन विदेश में ही रहती है। अजीत की बातों में आकर भूपेंद्र टंकारिया ने सितंबर 2025 से 1 दिसंबर के बीच नकद और ऑनलाइन माध्यम से उसे 7.50 लाख रुपये दे दिए। इसके साथ ही बादल का असली पासपोर्ट भी फलक को सौंप दिया गया। रुपये देने के बावजूद न तो नौकरी लगी और न ही विदेश भेजने की प्रक्रिया पूरी हुई।
व्हाट्सएप कॉल कर कहा- मैं पुर्तगाल पहुंच गया
रुपये लेने के कुछ समय बाद अजीत उज्जैन से अचानक गायब हो गया। परिजनों से पूछताछ करने पर पता चला कि वह पुणे गया है। इसके बाद अजीत ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके बताया कि वह खुद पुर्तगाल पहुंच चुका है और आगे की प्रक्रिया के लिए फलक से संपर्क करने को कहा।
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पासपोर्ट का डर दिखाकर महिला ने भी ऐंठे रुपये
जब बादल ने फलक हुसैन से संपर्क किया तो उसने कहा कि पासपोर्ट उसी के पास है और अजीत विदेश में है। उसने यूरोप भेजने का काम आगे बढ़ाने की बात कहकर बादल से 1.50 लाख रुपये से अधिक और ले लिए। इसके बावजूद पीड़ित को विदेश नहीं भेजा गया। जब पीड़ितों ने अपने रुपये वापस मांगने और संपर्क करने का प्रयास किया तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी।
ये भी पढ़ें: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक हादसा: ट्रक-पिकअप में भिड़ंत के बाद लगी आग; चालक की जिंदा जलकर मौत
कई अन्य लोग भी बने ठगी का शिकार
पुलिस जांच में सामने आया कि अजीत और फलक ने अन्य परिचितों को भी यूरोप भेजने के नाम पर शिकार बनाया है। पवित्र सिंह कुशवाहा (निवासी ढांचा भवन):** इन्होंने आरोप लगाया कि अजीत ने यूरोप भेजने के अलावा पेपर इंपोर्ट (कागज आयात) के नाम पर भी उनसे 6 लाख रुपये से अधिक की ठगी की है।
धीरज सिंह और जितेंद्र सिंह ढांचा भवन निवासी इन युवाओं ने भी आरोपियों के खिलाफ रुपये हड़पने की शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस जांच जारी
अलग-अलग आवेदनों की जांच के बाद ठगी की कुल रकम 27 लाख रुपये से अधिक की सामने आई है। चिमनगंज थाना पुलिस अब दोनों आरोपियों के बैंक खातों के लेन-देन, भूमिका और विदेश भेजने के नाम पर जब्त किए गए दस्तावेजों की विस्तृत जांच कर रही है।
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नौकरी का झांसा देकर ऐंठे 7.50 लाख रुपये
कमल कॉलोनी निवासी फरियादी बादल टंकारिया (पिता भूपेंद्र टंकारिया) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मार्च 2025 में आरोपी अजीत जैन ने उसके पिता से संपर्क किया था। उसने दावा किया कि वह बादल की यूरोप में नौकरी लगवा सकता है और उसकी परिचित फलक हुसैन विदेश में ही रहती है। अजीत की बातों में आकर भूपेंद्र टंकारिया ने सितंबर 2025 से 1 दिसंबर के बीच नकद और ऑनलाइन माध्यम से उसे 7.50 लाख रुपये दे दिए। इसके साथ ही बादल का असली पासपोर्ट भी फलक को सौंप दिया गया। रुपये देने के बावजूद न तो नौकरी लगी और न ही विदेश भेजने की प्रक्रिया पूरी हुई।
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व्हाट्सएप कॉल कर कहा- मैं पुर्तगाल पहुंच गया
रुपये लेने के कुछ समय बाद अजीत उज्जैन से अचानक गायब हो गया। परिजनों से पूछताछ करने पर पता चला कि वह पुणे गया है। इसके बाद अजीत ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके बताया कि वह खुद पुर्तगाल पहुंच चुका है और आगे की प्रक्रिया के लिए फलक से संपर्क करने को कहा।
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पासपोर्ट का डर दिखाकर महिला ने भी ऐंठे रुपये
जब बादल ने फलक हुसैन से संपर्क किया तो उसने कहा कि पासपोर्ट उसी के पास है और अजीत विदेश में है। उसने यूरोप भेजने का काम आगे बढ़ाने की बात कहकर बादल से 1.50 लाख रुपये से अधिक और ले लिए। इसके बावजूद पीड़ित को विदेश नहीं भेजा गया। जब पीड़ितों ने अपने रुपये वापस मांगने और संपर्क करने का प्रयास किया तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी।
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कई अन्य लोग भी बने ठगी का शिकार
पुलिस जांच में सामने आया कि अजीत और फलक ने अन्य परिचितों को भी यूरोप भेजने के नाम पर शिकार बनाया है। पवित्र सिंह कुशवाहा (निवासी ढांचा भवन):** इन्होंने आरोप लगाया कि अजीत ने यूरोप भेजने के अलावा पेपर इंपोर्ट (कागज आयात) के नाम पर भी उनसे 6 लाख रुपये से अधिक की ठगी की है।
धीरज सिंह और जितेंद्र सिंह ढांचा भवन निवासी इन युवाओं ने भी आरोपियों के खिलाफ रुपये हड़पने की शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस जांच जारी
अलग-अलग आवेदनों की जांच के बाद ठगी की कुल रकम 27 लाख रुपये से अधिक की सामने आई है। चिमनगंज थाना पुलिस अब दोनों आरोपियों के बैंक खातों के लेन-देन, भूमिका और विदेश भेजने के नाम पर जब्त किए गए दस्तावेजों की विस्तृत जांच कर रही है।
