रोटी-नमक मामले में प्रधान और पत्रकार के समर्थन में उतरे अभिभावक, अपने बच्चों को नहीं भेजा स्कूल
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मिर्जापुर जिले के अहरौरा क्षेत्र में सियुर के प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को रोटी-नमक खिलाने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रधान प्रतिनिधि और पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के विरोध में अभिभावक उतर आए हैं। गुरुवार को किसी भी अभिभावक ने अपने बच्चे को स्कूल में पढ़ने के लिए नहीं भेजा। स्कूल में सिर्फ एक ही छात्र पढ़ाई करते हुए नजर आया।
गुरुवार को समय से विद्यालय खुला, शिक्षक भी आए लेकिन विद्यालय में पढ़ने के लिए छात्र नहीं आए। विद्यालय मे सिर्फ एक छात्र स्कूल पहुंचा, जिसने पढ़ाई भी की और जमकर मिड डे मील भी खाया।
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रोटी-नमक प्रकरण में हिनौता ग्रामसभा के प्रधान प्रतिनिधि राजकुमार पाल और पत्रकार पवन जायसवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने अपने बच्चों को स्कूल नहीं जाने दिया। इसमें 95 बच्चों के नामांकन के बाद भी सिर्फ एक छात्र विद्यालय में पढ़ने आया।
बच्चों के विद्यालय में नहीं आने पर शिक्षक भी विद्यालय बंद कर जाने लगे लेकिन विद्यालय में आया कक्षा एक का छात्र सुखराम ने कहा कि वह अकेले ही पढ़ेगा। विद्यालय में आए दो शिक्षकों ने मिलकर अकेले छात्र को पढ़ाया।
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निर्धारित समय से बच्चे को एमडीएम (मिड डे मील) भी खाने को दिया गया। छात्र ने बताया कि उसने रोटी और दाल खाई है। साथ ही साथ अकेले ही पढ़ाई भी की। अकेले पढ़ने के दौरान भी उसे अच्छा लग रहा था। इस दौरान विद्यालय में नए शिक्षक को संबद्ध किए जाने से शिक्षक किसी अभिभावक के घर नहीं पहुंच पाए।
जिससे आठ कक्षाओं वाला सियुर विद्यालय बच्चों के बिना सूना नजर आया। इस दौरान कुछ ग्रामीणों का आरोप था कि जब तक रोटी-नमक प्रकरण में दर्ज मुकदमा वापस नहीं होगा, तब तक बच्चे विद्यालय में पढ़ने नहीं जाएंगे।