शाहिद बद्र मामले की सुनवाई अब 11 को, 2001 में दर्ज मामले में गुजरात पुलिस ने किया था गिरफ्तार
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गुजरात में वर्ष 2001 में दर्ज एक मामले में जारी वारंट के आधार पर भुज की पुलिस ने फलाही को गिरफ्तर किया था। उन्हें ट्रांजिंट रिमांड के लिए सीजेएम की अदालत में पेश किया गया था, जहां से उन्हें सशर्त जमानत के दी गई थी। एक सप्ताह में गुजरात की कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए गए थे।
इस आदेश के खिलाफ गुजरात पुलिस ने जिला जज की अदालत में अपील की थी। जिला जज ने मामले में शाहिद को पेश होने के लिए नोटिस जारी किया था। सुनवाई के लिए सोमवार की तिथि रखी गई थी। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम लालता प्रसाद के समक्ष सोमवार को गुजरात पुलिस की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता पीयूष तिवारी ने पत्रावली को पेश किया।
निचली अदालत द्वारा दी गई जमानत को रद्दकर ट्रांजिट रिमांड दिए जाने की मांग की। दूसरी तरफ से पैरवी कर रहे प्राइवेट कौंसिल अरुण कुमार सिंह और रशीद अहमद ने विरोध किया। शाहिद बद्र को सीजेएम कोर्ट से एक सप्ताह के अंदर गुजरात के भुज कक्ष की अदालत में हाजिर होने के आदेश के अनुसार वह गुजरात चले गए हैं।
इस दौरान अभियोजन पक्ष ने कुछ कागजात और दाखिल करने का समय मांगा। इस पर बचाव पक्ष की तरफ से कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई। बुधवार को अगली कार्रवाई की तिथि तय की गई।