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विश्वनाथ मंदिर में कार्यपालक मजिस्ट्रेट पर हमला
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 01 Jan 2017 01:55 AM IST
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- फोटो : amarujala
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विश्वनाथ मंदिर में कार्यालय अधीक्षक का काम देख रहे लिपिक ने कुछ पुजारियों के साथ शनिवार की दोपहर ऑन ड्यूटी कार्यपालक मजिस्ट्रेट/जिला खनन अधिकारी अनिल कुमार सिंह पर हमला करने का प्रयास किया। मजिस्ट्रेट के साथ तीखी झड़प और देख लेने की धमकी के बाद मंदिर परिसर का माहौल असहज हो गया। लिपिक ने यह सब तब किया, जब परिसर में न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी और मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएन त्रिपाठी मौजूद थे। मजिस्ट्रेट ने जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र को घटना की जानकारी दी। इंस्पेक्टर चौक ने कार्यपालक मजिस्ट्रेट की तहरीर पर लिपिक के विरुद्ध अपमानित करने, धमकी और कर्तव्य के निर्वहन में लगे लोक सेवक पर हमला करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कार्यपालक मजिस्ट्रेट पर हमले की घटना दोपहर तब हुई, जब सीईओ ने लिपिक अरुण कुमार मिश्र को एक शिकायत पत्रावली लाने के लिए उनके पास भेजा। जिला खनन अधिकारी अनिल ने बताया कि लिपिक सात पुजारियों के साथ उनके कक्ष में पहुंचा और अभद्रता करने लगा। उसके साथ कुछ पुजारी भी उन पर बरस पड़े कि वह बिना अधिकार के मंदिर में कार्रवाई कर रहे हैं। मना करने पर लिपिक उनके साथ मारपीट पर उतारू हो गया। मजिस्ट्रेट ने बताया कि उस समय वह समझ रहे थे कि कोई अफसर उनके ऊपर झिड़क रहा है, लेकिन पूछने पर उसने अपना परिचय कार्यालय लिपिक के तौर पर बताया। वह शिकायत रजिस्टर उठाकर उनके कक्ष से उठाकर ले गया।
इसके बाद मजिस्ट्रेट ने इस घटना की जानकारी सीईओ और डीएम को दी। लिपिक की ओर से की गई बदसलूकी का विवरण शिकायत पुस्तिका में दर्ज किया। मजिस्ट्रेट की तहरीर पर चौक थाने में लिपिक के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 504, 506 और 353 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
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कार्यपालक मजिस्ट्रेट पर हमले की घटना दोपहर तब हुई, जब सीईओ ने लिपिक अरुण कुमार मिश्र को एक शिकायत पत्रावली लाने के लिए उनके पास भेजा। जिला खनन अधिकारी अनिल ने बताया कि लिपिक सात पुजारियों के साथ उनके कक्ष में पहुंचा और अभद्रता करने लगा। उसके साथ कुछ पुजारी भी उन पर बरस पड़े कि वह बिना अधिकार के मंदिर में कार्रवाई कर रहे हैं। मना करने पर लिपिक उनके साथ मारपीट पर उतारू हो गया। मजिस्ट्रेट ने बताया कि उस समय वह समझ रहे थे कि कोई अफसर उनके ऊपर झिड़क रहा है, लेकिन पूछने पर उसने अपना परिचय कार्यालय लिपिक के तौर पर बताया। वह शिकायत रजिस्टर उठाकर उनके कक्ष से उठाकर ले गया।
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इसके बाद मजिस्ट्रेट ने इस घटना की जानकारी सीईओ और डीएम को दी। लिपिक की ओर से की गई बदसलूकी का विवरण शिकायत पुस्तिका में दर्ज किया। मजिस्ट्रेट की तहरीर पर चौक थाने में लिपिक के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 504, 506 और 353 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
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