कोरोना का असरः धंधा-व्यवसाय हो गया चौपट, घर-गृहस्थी चलाना हुआ मुश्किल
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लॉकडाउन का सबसे ज्यादा असर मांगलिक कार्यों पर पड़ा है। हालांकि लॉकडाउन और खरमास 14 अप्रैल को खत्म हो जाएगा और शुभ मुहूर्त 15 अप्रैल से शुरू होगा। मगर तैयारियों के लिए समय नहीं होने के कारण ज्यादातर शादियों की तिथि आगे बढ़ाई जा रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि मांगलिक कार्यों से जुड़े व्यवसाय पूरी तरह से चौपट हो गए हैं और इस व्यवसाय स जुड़े लोगों के लिए घर-गृहस्थी चलाना मुश्किल हो गया है।
अप्रैल अंतिम सप्ताह से लेकर मई और जून तक होने वाली शादियों की बुकिंग निरस्त होने लगी है। वाराणसी मैरिज लॉन व्यापार मंडल के अनुसार, अब तक पांच हजार से अधिक शादियों की बुकिंग निरस्त हो चुकी है। लोगों का मानना है कि 14 अप्रैल तक कोरोना का असर पूरी तरह समाप्त होना मुश्किल है। ऐसे में लॉकडाउन की अवधि भी बढ़ाई जा सकती है। इसकी कारण लोग बुकिंग निरस्त करा रहे हैं।
व्यापार मंडल के अनुसार, शादियों की बुकिंग टालने के लिए शहर के करीब 380 रजिस्टर्ड लॉन संचानकों के यहां रोजाना 12 से 15 फोन आ रहे हैं। इनमें कुछ बुकिंग निरस्त कर रहे हैं तो कुछ लोग तिथि आगे बढ़ा रहे हैं।
यही हाल होटल, कैटरिंग और बैंड बाजा का भी हाल है। लोगों का कहना है कि शादी की तैयारी में कम से कम दो माल लग जाते हैं। कार्ड छपवाने और सामान की खरीददारी से लेकर अन्य तैयारियां भी करनी होती हैं। लेकिन लॉकडाउन के चलते कुछ नहीं कर सकते हैं।
जून तक शादी सहित अन्य मांगलिक कार्यों के आर्डर निरस्त कर दिए गए हैं। धंधा खत्म हो गया। कारीगर आदि सब चले गए हैं। जून के बाद नवंबर में लगन पड़ेगी। यह संकट की घड़ी है।
शरद श्रीवास्तव, कैटरिंग कारोबारीएक लगन में करीब 10 हजार शादियां होती हैं। शादी की बुकिंग निरस्त करने के लिए हर दिन फोन आ रहे हैं। इस लगन की पांच हजार से अधिक शादियां आगे बढ़ा दी गईं। अब तो नवंबर से ही उम्मीद है। अनिल सिंह पटेल, अध्यक्ष, वाराणसी लान मैरिज व्यापार मंडल
पिछले दो दिनों में 10 आर्डर कैंसिल हो गए। यह आर्डर अप्रैल अंतिम सप्ताह से लेकर मई तक के थे। अन्य साथियों के भी आर्डर कैंसिल हो रहे हैं। स्थिति को देखकर नहीं लगता कि इस लगन में कोई शादी होगी।
बाबू, बैंड संचालकजून तक के होटल और बैंक्वेट के आर्डर कैंसिल हो गए। यही दो-ढाई महीने कमाई के थे। इस समय तो लोग यही कामना कर रहे हैं कि कैसे सुरक्षित रहें। इस आपदा से संभलने में 6-7 माह लग जाएंगे। गोकुल शर्मा, महामंत्री, बनारस होटल एसोसिएशन