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Varanasi News: कबीरचौरा मठ के महंत की गद्दी को लेकर विवाद, दो गुट आमने-सामने, ADCP काशी जोन दिया ये निर्देश
Wed, 08 May 2024 04:11 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Wed, 08 May 2024 04:11 PM IST
सार
Varanasi News: 112 नंबर पर मंगलवार सुबह सूचना दी गई कि कबीरचौरा मठ में असलहाधारी आए हैं। सूचना के आधार पर पुलिस मठ पहुंची तो वहां कोई असलहाधारी नहीं मिला।
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महंत आचार्य विवेक दास
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाराणसी के सिद्धपीठ कबीरचौरा मठ मूलगादी ट्रस्ट के महंत की गद्दी को लेकर विवाद गहरा गया है। महंत आचार्य विवेक दास के जेल जाने के बाद मंगलवार को मठ में आचार्य विचार दास अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। उन्होंने आचार्य प्रमोद दास के समक्ष खुद को महंत की गद्दी का दावेदार बताया।
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वहीं, आचार्य प्रमोद दास ने खुद को दावेदार बताया। सूचना पाकर पहुंची चेतगंज थाने की पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा बुझाकर शांत कराया। महंत आचार्य विवेक दास के आने तक यथास्थिति बरकरार रखने को कहा। इसके साथ ही मठ में बाहर से आए लोगों को वापस लौटा दिया।
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महंत आचार्य विवेक दास को एक महिला से छेड़खानी सहित अन्य आरोपों में दो अप्रैल को जिला जेल में दाखिल किया गया है। कबीरचौरा मठ में रहने वाले आचार्य प्रमोद दास के अनुसार महंत आचार्य विवेक दास ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित किया है। मंगलवार सुबह मगहर से आए आचार्य विचार दास और उनके समर्थकों ने मठ में जबरन कब्जा करने की कोशिश की। इसकी सूचना चेतगंज थाने की पुलिस को दी गई।
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उधर, आचार्य विचार दास का कहना था कि कबीरचौरा मठ के उत्तराधिकारी वह हैं। इस संबंध में उनके पास पर्याप्त प्रमाण भी हैं। पुलिस दोनों पक्षों को एडीसीपी काशी जोन के पास ले गई। एडीसीपी काशी जोन चंद्रकांत मीणा ने कहा कि फिलहाल यथास्थिति बरकरार रहेगी। जिसके पास जो भी कागजात हों, वह दे दें। पुलिस उस पर विधिक राय ले लेगी। शांति और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने का जो कोई प्रयास करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई में देरी नहीं होगी।
फर्जी सूचना देने वाले पर होगा केस
एडीसीपी काशी जोन ने कहा कि जिस नंबर से फर्जी सूचना 112 नंबर पर दी गई थी, उसके खिलाफ चेतगंज थानाध्यक्ष को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है। मोबाइल नंबर से संबंधित व्यक्ति को चिह्नित कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।