वाराणसीः बंद रहा विश्वनाथ कॉरिडोर की दीवार का निर्माण कार्य, महंत शंकर पुरी बोले-श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दरवाजे की बदलें स्थिति
महंत ने बताया कि अन्नपूर्णा मंदिर का इसमें कोई स्वार्थ नहीं है। हमने तो दीवार का निर्माण करवा रहे कॉरिडोर के अधिकारियों से यही कहा था कि वह जो साढ़े चार फीट का दरवाजा लगा रहे हैं, उससे श्रद्धालुओं को परेशानी होगी।
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अन्नपूर्णा मंदिर के ठीक सामने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की गली में बुधवार को काम बंद रहा। वहीं मंदिर के महंत ने बृहस्पतिवार को काशी के प्रमुख मंदिरों के महंत और व्यवस्थापकों की बैठक भी बुलाई है। बैठक में कॉरिडोर की दीवार और मंदिर की तरफ खुलने वाले दरवाजे पर चर्चा की जाएगी। महंतों से चर्चा के बाद निष्कर्ष के आधार पर अधिकारियों से भी बात होगी।
मंदिर के महंत शंकर पुरी ने बताया कि अन्नपूर्णा मंदिर का इसमें कोई स्वार्थ नहीं है। हमने तो दीवार का निर्माण करवा रहे कॉरिडोर के अधिकारियों से यही कहा था कि वह जो साढ़े चार फीट का दरवाजा लगा रहे हैं, उससे श्रद्धालुओं को परेशानी होगी।
दरवाजे से निकलते ही सामने गली की दीवार पड़ती है और उसका सहारा लेकर ही श्रद्धालु श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से अन्नपूर्णा मंदिर की तरफ आ पाएंगे। आने वाले भविष्य में किसी तरह का बड़ा आयोजन होने पर जब श्रद्धालुओं की भीड़ होगी तो समस्या गंभीर हो सकती है।
दरवाजे की ऊंचाई छह फीट करें
किसी तरह की अप्रिय घटना होने पर बचाव राहत दल आसानी से नहीं पहुंच सकेगा। हमने अधिकारियों से कहा था कि वह दरवाजे की ऊंचाई साढ़े चार फीट की जगह छह फीट कर दें। इसके साथ ही वह जो पूरब-पश्चिम दिशा की ओर दरवाजा लगा रहे हैं, उसकी दिशा उत्तर दक्षिण कर देंगे तो श्रद्धालुओं को आने जाने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
हमारा कॉरिडोर निर्माण को लेकर कोई विरोध नहीं है। हम केवल श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ही दरवाजे को बड़ा करने की बात कह रहे हैं। बता दें कि मंगलवार को अन्नपूर्णा मंदिर के ठीक सामने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की गली में चल रहे काम को महंत शंकर पुरी ने रुकवा दिया था।