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दलित बस्तियों में बनेंगे कम्युनिटी टॉयलेट
अमर उजाला ब्यूरो वाराणसी।
Updated Wed, 02 Mar 2016 01:16 AM IST
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नगर निगम की सीमा में आने वाली दलित बस्तियों में कम्युनिटी टॉयलेट का निर्माण होगा। जापान इंटरनेशनल कोआपरेशन एजेंसी (जायका) के सहयोग यह निर्माण कार्य कराया जाएगा। इनका संचालन क्षेत्र के नागरिक ही करेंगे। मंगलवार को नगर निगम में आयोजित प्रेसवार्ता में नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही ने यह जानकारी दी।
नगर आयुक्त ने कहा कि जायका के तहत शहर में 205 टॉयलेट का निर्माण कराया जाना था लेकिन जगह न मिल पाने के कारण यह लक्ष्य घटाकर 135 कर दिया गया है। यह संख्या घट-बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि अब तक 23 बन पाए हैं, जिनका उपयोग भी हो रहा है। 40 निर्माणाधीन हैं जबकि 73 के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। बताया कि निगम की सीमा में तकरीबन 210 दलित बस्तियां हैं। इनमें से जहां टॉयलेट की समस्या होगी, वहां जमीन तलाशकर कम्युनिटी टॉयलेट का निर्माण कराया जाएगा।
उन्होंने विधायकों, पार्षदों, समाजसेवियों और मीडिया से अपील की है कि ऐसे स्थान जहां टॉयलेट की जरूरत हो और जमीन खाली हो, वे अपने सुझाव जरूर दें। इस दौरान महापौर रामगोपाल मोहले ने कहा कि शहर में सीवेज और नान सीवेज के जो कार्य शहर में हो रहे हैं, उनकी नियमित निगरानी और जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। ताकि समय पर काम पूरा हो और जनता को इनका लाभ मिल सके। जायका की प्रतिनिधि सरिता तिवारी ने प्रोजेक्टर के माध्यम से योजनाओं के बारे में अवगत कराया। साथ ही गंगा घाटों और शहर में सफाई के लिए चल रहे जागरूकता कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी।
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नगर आयुक्त ने कहा कि जायका के तहत शहर में 205 टॉयलेट का निर्माण कराया जाना था लेकिन जगह न मिल पाने के कारण यह लक्ष्य घटाकर 135 कर दिया गया है। यह संख्या घट-बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि अब तक 23 बन पाए हैं, जिनका उपयोग भी हो रहा है। 40 निर्माणाधीन हैं जबकि 73 के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। बताया कि निगम की सीमा में तकरीबन 210 दलित बस्तियां हैं। इनमें से जहां टॉयलेट की समस्या होगी, वहां जमीन तलाशकर कम्युनिटी टॉयलेट का निर्माण कराया जाएगा।
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उन्होंने विधायकों, पार्षदों, समाजसेवियों और मीडिया से अपील की है कि ऐसे स्थान जहां टॉयलेट की जरूरत हो और जमीन खाली हो, वे अपने सुझाव जरूर दें। इस दौरान महापौर रामगोपाल मोहले ने कहा कि शहर में सीवेज और नान सीवेज के जो कार्य शहर में हो रहे हैं, उनकी नियमित निगरानी और जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। ताकि समय पर काम पूरा हो और जनता को इनका लाभ मिल सके। जायका की प्रतिनिधि सरिता तिवारी ने प्रोजेक्टर के माध्यम से योजनाओं के बारे में अवगत कराया। साथ ही गंगा घाटों और शहर में सफाई के लिए चल रहे जागरूकता कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी।
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