वाराणसी: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में खुलेगा ब्लड स्टोरेज सेंटर, जरूरत पर नहीं भटकेंगे मरीज
वाराणसी में ब्लड स्टोरेज सेंटर खुलने से मरीजों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। इस बनाने के लिए ड्रग कंट्रोलर ने मुहर लगा दी है। इसकी मंडलीय अस्पताल से निगरानी होगी।
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वाराणसी में ग्रामीण इलाकों में जरूरत पड़ने पर अब मरीजों के तीमारदारों को रक्त के लिए आईएमए, मंडलीय अस्पताल सहित अन्य ब्लड बैंकों का चक्कर नहीं लगाने पडे़ंगे। जिले में सीएचसी आराजीलाइन में ब्लड स्टोरेज सेंटर खोलने की तैयारी चल रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर अब ड्रग कंट्रोलर ने भी अपनी मुहर लगा दी है। सेंटर पर रक्त देने के साथ ही इसकी निगरानी मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा से की जाएगी। यह जिले का पहला स्वास्थ्य केंद्र है, जिसे ब्लड स्टोरेज सेंटर की स्वीकृति मिली है।
शहरी इलाकों के साथ ही ग्रामीण इलाकों में गर्भवती महिलाओं के प्रसव, दुर्घटनाओं में घायल मरीज को रक्त की जरूरत होने पर अब तक स्वास्थ्य केंद्रों से मरीजों को मंडलीय अस्पताल, जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता रहा है। ऐसा इसलिए होता है कि कि यहां रक्त की व्यवस्था नहीं हो पाती थी।
मरीजों की इस समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएचसी आराजीलाइन में ब्लड स्टोरेज सेंटर खोलने का प्रस्ताव पिछले साल 14 दिसंबर 2020 को भेजा गया था। इसके बाद से ही यहां सेंटर खोलने की औपचारिकताएं चल रही थीं।
सात महीने बाद छह जुलाई को औषधि अनुज्ञापन एवं नियंत्रण प्राधिकारी उत्तर प्रदेश (ड्रग कंट्रोलर) ने यहां ब्लड स्टोरेज सेंटर की स्वीकृति दे दी है। दो साल के लिए यह स्वीकृति दी गई है। अब इसका प्रमाणपत्र भी सीएचसी आराजीलाइन के अधीक्षक, सीएमओ, जिलाधिकारी आदि को दे दिया गया है।
सीएचसी आराजीलाइन में ब्लड स्टोरेज सेंटर शुरू होने से मरीजों को आसानी से रक्त दिया जा सकेगा। इसका लाभ गर्भवती महिलाओं को लाभ मिलेगा। -डॉ. वीबी सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी।