वाराणसी के डीआरडीओ अस्पताल की व्यवस्था पर सीएमओ-पीएमओ की नजर, कई लोगों ने की थी शिकायत
वाराणसी बीएचयू में बने डीआरडीओ अस्पताल (पंडित राजन मिश्र कोविड अस्पताल) में रोगी प्रबंधन सिस्टम की चर्चा अब हर जगह होने लगी है। यहां की व्यवस्थाओं पर चीफ मिनिस्टर आफिस (सीएमओ) और प्राइम मिनिस्टर आफिस (पीएमओ) की नजर है।
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वाराणसी के बीएचयू में बने डीआरडीओ अस्थायी अस्पताल में मरीजों के इलाज, भर्ती सहित अन्य व्यवस्थाओं पर चीफ मिनिस्टर ऑफिस (सीएमओ) और प्राइम मिनिस्टर ऑफिस (पीएमओ) की नजर है। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन भी इसको लेकर अब पहले से अधिक सतर्क हो गया है।
इधर बुधवार को अस्पताल में मरीजों के इलाज, भर्ती, डिस्चार्ज, परिजनों को फीडबैक देने सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर वीडियो रिकार्डिंग कराई गई है, जिससे कि जरूरत पड़ने पर व्यवस्था की हकीकत को सही तरीके से बताया जा सके।
बीएचयू एंफीथिएटर मैदान स्थित 750 बेड के अस्थाई अस्पताल में फिलहाल 250 बेड पर आईसीयू में भर्ती की सुविधा शुरू हुई है। यहां पर पूरे पूर्वांचल के साथ ही बिहार से भी मरीज अस्पताल में भर्ती होने के लिए आ रहे हैं। पिछले दिनों अव्यवस्था को लेकर कई लोगों ने पीएमओ को ट्वीट कर हकीकत बताई थी।
इसके बाद से सीएमओ के साथ ही पीएमओ भी मॉनिटरिंग कर रहा है। इधर बुधवार को आईसीयू में इलाज सहित अन्य जगहों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई। डीआरडीओ के नोडल अधिकारी ईशा दुहन ने कहा कि कोरोना के वाराणसी सहित आसपास के जिलों के गंभीर मरीजों का डीआरडीओ अस्पताल में हर संभव बेहतर इलाज किया जा रहा है। सुविधाओ की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई गईं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री की विडियो कांफ्रेंसिंग भी होनी है।
डीआरडीओ अस्पताल में मरीजों की मौत पर सपा ने जताई चिंता
बीएचयू में बने अस्थायी कोविड अस्पताल में मरीजों की लगातार हो रही मौतों पर समाजवादी पार्टी ने चिंता जताई है। साथ ही प्रशासन से मौतों की जांच की मांग और चिकित्सा व्यवस्था में सुधार लाने को कहा है।
महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने कहा कि बीएचयू कोविड अस्पताल मे 10 मई से शुरू अस्थायी अस्पताल में 250 बेड के आईसीयू मे अब तक 340 मरीजों से ज्यादा मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। जबकि आठ दिन में 150 मरीजों की मौत हो चुकी है। अस्पताल में हो रही मौतों के कारणों की जांच के साथ ही चिकित्सा व्यवस्था में सुधार लाने की आवश्यकता है।