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पीडब्ल्यूडी की मेहरबानी से हिचकोले खाते गए मुख्यमंत्री
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वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब देर रात विकास कार्यों को देखने निकले तो उन्हें पीडब्ल्यूडी की कारगुजारियों का पता चला। विभाग की लापरवाही के चलते मुख्यमंत्री को हिचकोले खाते हुए जाना पड़ा। मुख्यमंत्री सर्किट हाउस से निकले तो पुलिस लाइन से खजुरी, हुकुलगंज, चौकाघाट, तेलियाबाग, लहुराबीर, मैदागिन, कालभैरव, विश्वनाथ मंदिर से कबीरचौरा, मलदहिया, नगर निगम, रथयात्रा, भेलूपुर, रवींद्रपुरी, लंका होते हुए बीएचयू और फिर सर्किट हाउस पहुंचे।
इनमें से कई रास्तों को दिन में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने गिट्टियां डलवाकर भरवाने का प्रयास किया था। बावजूद सड़क पर गड्ढे दिखाए पड़े। इसके चलते मुख्यमंत्री और उनके साथ निरीक्षण में जाने वाले प्रदेश के दो स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल और डॉ. नीलकंठ तिवारी को भी झटके लगे। जबकि अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को उन्हीं रास्तों से ले जाने की योजना बनाई थी जो कम खराब थी। बावजूद अधिकारियों के लाख छुपाने के बाद बाद भी मुख्यमंत्री को सड़क की खस्ताहाल के बारे में पता चला। इसे लेकर मुख्यमंत्री के तेवर काफी तल्ख थे। उन्होंने तत्काल गड्ढामुक्त और बारिश बाद बेहतर ढंग से मरम्मत कराने का निर्देश दिया।
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इनमें से कई रास्तों को दिन में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने गिट्टियां डलवाकर भरवाने का प्रयास किया था। बावजूद सड़क पर गड्ढे दिखाए पड़े। इसके चलते मुख्यमंत्री और उनके साथ निरीक्षण में जाने वाले प्रदेश के दो स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल और डॉ. नीलकंठ तिवारी को भी झटके लगे। जबकि अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को उन्हीं रास्तों से ले जाने की योजना बनाई थी जो कम खराब थी। बावजूद अधिकारियों के लाख छुपाने के बाद बाद भी मुख्यमंत्री को सड़क की खस्ताहाल के बारे में पता चला। इसे लेकर मुख्यमंत्री के तेवर काफी तल्ख थे। उन्होंने तत्काल गड्ढामुक्त और बारिश बाद बेहतर ढंग से मरम्मत कराने का निर्देश दिया।
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