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‘सूट हजारों का सिलवाया फिर लाखों का उसे बताया’
वाराण्ासी, ब्यूरो
Updated Sun, 08 Mar 2015 02:04 AM IST
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वाराणसी। होली पर शुक्रवार की रात कविताओं के चुटीले व्यंग पर खूब हंसगुल्ले फूटे। महंगाई, बनारस की मस्ती से लेकर पीएम नरेंद्र मोदी के सूट की नीलामी के अलावा भ्रष्ट नेताओं, नौकरशाहों पर केंद्रित कविताओं ने जमकर तालियां बटोरीं। खचाखच भरे पंडाल में ठहाकों पर लोग लोटपोट हो रहे थे।
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मैदागिन स्थित टाउनहाल में होली के उपलक्ष्य में यह कवि सम्मलेन भारतेंदु अकादमी की ओर से हास्य कवि चकाचक बनारसी की स्मृति में आयोजित किया गया था।
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शाम करीब साढ़े छह बजे रंग-बिरंगी टोपी से कवियों का स्वागत करने के बाद कार्यक्रम की शुरुआत हुई। सबसे पहले इस्लाम हुसैन एंड पार्टी ने चैती, होली, फाग गीतों की प्रस्तुति की। इसके बाद कवि सम्मेलन दो दौर में चला। इसे शिष्ट और अशिष्ट दो चरणों में बांटा गया था।
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इस कवि सम्मेलन में पीएम के अलावा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मुलायम सिंह यादव, अरविंद केजरीवाल, मायावती और लालू प्रसाद यादव पर कविताओं के जरिए तंज कसे गए। पीएम के सूट की नीलामी पर पढ़ी गई कविता ने खूब तलियां बटोरी। कवि बदरी विशाल की पंक्तियां इस तरह थीं-
सूट हजारों का सिलवाया/फिर लाखों का उसे बताया/उसे करोड़ों में बिकवाया/है पक्का गुजराती भाया...। इसके बाद कवि चपाचप बनारसी की कविता - लाल टमाटर देहरादून काटा राजा दूनो जून....पसंद की गई। सुल्तानपुर से आए कवि कमल प्रतापगढ़ी की पंक्तियां इस तरह थीं- अब आम आदमी यहां होशियार हो गया/नेता तो अपने देश का गद्दार हो गया...।
इनके बाद अजय प्रेमी ने कविता पढ़ी- गोरी के गाल लाल लाल भवा होली में/ हे भउजी से जियरा बवाल भवा होली में...। नरसिंह मिर्जापुरी, रमेश पांडेय, किशोर बनारसी, चीमा बनारसी, अशोक राय अज्ञान, जय शंकर जय, चिंतित बनारसी, फक्कड़ चोलापरी, चंद्रकांत सिंह ने कविताएं पढ़ीं। अकादमी के अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी ने आगत कवियों का आभार जताया।