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शीशा टूटा तो अशोक की लाट पर लगा दी होर्डिंग
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 24 Nov 2016 02:05 AM IST
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भारतीय पुरातत्व एवं सर्वेक्षण की ओर से धरोहरों के संरक्षण का नया प्रयास कौन कहे, पुरानी व्यवस्था भी बदहाल है। सारनाथ में पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण अशोक की लाट के चारों तरफ लगा टफंड ग्लास टूट गया है। इसे दुरुस्त कराना तो दूर, बेपरवाही की हद तो ये है कि लाट के एक तरफ स्वच्छ भारत अभियान का बोर्ड लगाकर जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया गया है। देश-विदेश से आने वाले सैलानी भी अशोक की लाट के साथ-साथ सरकारी मशीनरी का यह हाल देख यही छवि साथ लेकर जा रहे हैं।
अशोक की लाट को धूल, नमी, पानी, धूप आदि से बचाने के लिए करीब साल भर पहले उसके चारों तरफ टफंड ग्लास लगाया गया था। मकसद यह भी था कि लोग इसे सिर्फ देख सकें, इसके साथ छेड़छाड़ न कर सकें। कुछ दिन पहले ही टफंड ग्लास टूट गया। इसे दुरुस्त कराने या नया लगवाने के बजाय भारतीय पुरातत्व एवं सर्वेक्षण ने इस कमी को छिपाने के लिए बड़ी सी होर्डिंग सामने लगवा दी। धरोहरों के प्रति संवेदनहीनता का आलम यह है कि विश्व धरोहर सप्ताह के दौरान भी इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
मामले में अधीक्षण पुरातत्वविद केसी श्रीवास्तव का कहना है कि टफंड ग्लास कब टूटा है इसकी जानकारी नही है। शायद दो दिन पहले टूटा है। ऑर्डर दे दिया गया है। दो दिन में भी आ सकता है और दस दिन भी लग सकते हैं।
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वहीं वरिष्ठ संरक्षण सहायक पीके त्रिपाठी ने कहा कि विगत कई महीनों से टफंड ग्लास टूटा है। इसको बनवाया जा रहा है। लाट को सुरक्षित करने के लिए स्वच्छ भारत अभियान का बोर्ड लगा दिया गया है।
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अशोक की लाट को धूल, नमी, पानी, धूप आदि से बचाने के लिए करीब साल भर पहले उसके चारों तरफ टफंड ग्लास लगाया गया था। मकसद यह भी था कि लोग इसे सिर्फ देख सकें, इसके साथ छेड़छाड़ न कर सकें। कुछ दिन पहले ही टफंड ग्लास टूट गया। इसे दुरुस्त कराने या नया लगवाने के बजाय भारतीय पुरातत्व एवं सर्वेक्षण ने इस कमी को छिपाने के लिए बड़ी सी होर्डिंग सामने लगवा दी। धरोहरों के प्रति संवेदनहीनता का आलम यह है कि विश्व धरोहर सप्ताह के दौरान भी इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
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मामले में अधीक्षण पुरातत्वविद केसी श्रीवास्तव का कहना है कि टफंड ग्लास कब टूटा है इसकी जानकारी नही है। शायद दो दिन पहले टूटा है। ऑर्डर दे दिया गया है। दो दिन में भी आ सकता है और दस दिन भी लग सकते हैं।
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वहीं वरिष्ठ संरक्षण सहायक पीके त्रिपाठी ने कहा कि विगत कई महीनों से टफंड ग्लास टूटा है। इसको बनवाया जा रहा है। लाट को सुरक्षित करने के लिए स्वच्छ भारत अभियान का बोर्ड लगा दिया गया है।