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बीएचयू के नवागत कुलपति बोले, छात्रों को इस काबिल बनाएंगे कि दुनिया करेगी सलाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 29 Mar 2018 01:14 AM IST
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बीएचयू के नये कुलपति प्रो. राकेश भटनागर
- फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू के नये कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने बुधवार को विश्वविद्यालय के 27वें कुलपति का कार्यभार संभाल लिया। इससे पहले उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर, काल भैरव मंदिर में दर्शन पूजन के बाद उन्होंने बीएचयू विश्वनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक किया।
कुलपति ने बड़े साफ शब्दों में कहा कि छात्र-छात्राओं से संवादहीनता नहीं रहेगी। वह सभी से मिलेंगे, समस्या सुनेंगे और पहले उसके बारे में सोचेंगे, समझेंगे और तत्काल समस्या का समाधान कराया जाएगा।
केंद्रीय कार्यालय के समिति कक्ष में पत्रकारों से बातचीत में कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं से मिलने का एक समय निर्धारित कर उनकी समस्याओं को सुना जाएगा। समस्याओं का समाधान सोचकर ही निकलता है।
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विश्वविद्यालय की सुरक्षा, छात्रावासों की सुविधाएं आदि जो भी चुनौतियां हैं, वह मेरे लिए बड़ा अवसर है। अतीत को लेकर अगर दुखी होंगे तो हल नहीं निकलेगा। उससे सीख लेकर आगे बढ़ते रहना चाहिए। पिछले दिनों नियुक्तियों में भ्रष्टाचार के आरोपों पर कुलपति का कहना है कि जो भी नियुक्तियां होंगी उसमें योग्यता ही महत्वपूर्ण रहेगी। पूरी पारदर्शिता के साथ ही योग्य व्यक्तियों को सेवा का मौका मिलेगा।
शोध की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ ही विश्वविद्यालय के छात्रों को इस काबिल बनाएंगे दुनिया उन्हें सलाम करे। बीएचयू को नंबर तीन रैंकिंग से नंबर एक पर लाना होगा। इसके लिए सभी के सहयोग से आगे लाया जाएगा।
छात्राओं के साथ विश्वविद्यालय में आए दिन छेड़खानी की घटनाओं के सवाल पर कुलपति ने कहा कि इसके लिए सेमीनार और वर्कशॉप का आयोजन कर उन्हें जागरूक किया जाएगा। परिसर की सुरक्षा पर कहा कि यह कोई बड़ी समस्या नहीं है, इस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार और जातिगत भेदभाव के सवाल पर प्रोफेसर राकेश भटनागर ने बड़ी बेबाकी से कहा कि बायोटेक्नोलॉजी का प्रोफेसर होने की वजह से कई ऐसे प्रयोग होते हैं, जो दिखते नहीं है लेकिन काम हो जाता है। ऐसे ही मै इन चुनौतियों का सामना करूंगा।
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कुलपति ने बड़े साफ शब्दों में कहा कि छात्र-छात्राओं से संवादहीनता नहीं रहेगी। वह सभी से मिलेंगे, समस्या सुनेंगे और पहले उसके बारे में सोचेंगे, समझेंगे और तत्काल समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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केंद्रीय कार्यालय के समिति कक्ष में पत्रकारों से बातचीत में कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं से मिलने का एक समय निर्धारित कर उनकी समस्याओं को सुना जाएगा। समस्याओं का समाधान सोचकर ही निकलता है।
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विश्वविद्यालय की सुरक्षा, छात्रावासों की सुविधाएं आदि जो भी चुनौतियां हैं, वह मेरे लिए बड़ा अवसर है। अतीत को लेकर अगर दुखी होंगे तो हल नहीं निकलेगा। उससे सीख लेकर आगे बढ़ते रहना चाहिए। पिछले दिनों नियुक्तियों में भ्रष्टाचार के आरोपों पर कुलपति का कहना है कि जो भी नियुक्तियां होंगी उसमें योग्यता ही महत्वपूर्ण रहेगी। पूरी पारदर्शिता के साथ ही योग्य व्यक्तियों को सेवा का मौका मिलेगा।
शोध की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ ही विश्वविद्यालय के छात्रों को इस काबिल बनाएंगे दुनिया उन्हें सलाम करे। बीएचयू को नंबर तीन रैंकिंग से नंबर एक पर लाना होगा। इसके लिए सभी के सहयोग से आगे लाया जाएगा।
छात्राओं के साथ विश्वविद्यालय में आए दिन छेड़खानी की घटनाओं के सवाल पर कुलपति ने कहा कि इसके लिए सेमीनार और वर्कशॉप का आयोजन कर उन्हें जागरूक किया जाएगा। परिसर की सुरक्षा पर कहा कि यह कोई बड़ी समस्या नहीं है, इस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार और जातिगत भेदभाव के सवाल पर प्रोफेसर राकेश भटनागर ने बड़ी बेबाकी से कहा कि बायोटेक्नोलॉजी का प्रोफेसर होने की वजह से कई ऐसे प्रयोग होते हैं, जो दिखते नहीं है लेकिन काम हो जाता है। ऐसे ही मै इन चुनौतियों का सामना करूंगा।
वीसी ने दिए बड़े बदलाव के संकेत
बीएचयू
कुलपति ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में ही प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत दिए। एक सवाल के जवाब में कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासनिक, सुरक्षा सलाहकार सहित जो भी पद हैं, अगर जरूरत होगी, तभी रहेंगे। सलाह की जहां जरूरत होगी वहां ली जाएगी। जहां नहीं तो वहां कोई सलाह नहीं होगी। ये निर्णय मै कर लूंगा।
कुलपति ने दिए मूल मंत्र
-भ्रष्टाचार से दूर रहना है, इस नाम की चीज ही नहीं रहेगी।
-अराजकता तब फैलती है जब हम समस्याओं को समझते नहीं।
-हमें अपनी कमियों को जानने के बाद उसे दूर करना होगा।
-समझकर उसकी तरकीब निकालेंगे कि भ्रष्टाचार न हो।
कुलपति ने दिए मूल मंत्र
-भ्रष्टाचार से दूर रहना है, इस नाम की चीज ही नहीं रहेगी।
-अराजकता तब फैलती है जब हम समस्याओं को समझते नहीं।
-हमें अपनी कमियों को जानने के बाद उसे दूर करना होगा।
-समझकर उसकी तरकीब निकालेंगे कि भ्रष्टाचार न हो।