बीएचयू अस्पताल: इमरजेंसी गेट पर नर्सिंग ऑफिसरों ने किया सुंदरकांड पाठ, छह दिन से चल रहा धरना
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बीएचयू अस्पताल में पिछले शनिवार से ही कामकाज छोड़ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे नर्सिंग ऑफिसरों ने बुधवार को सद्बुद्धि यज्ञ करने के बाद गुरुवार को इमरजेंसी गेट पर सुंदरकांड का पाठ किया। इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की।
बीएचयू अस्पताल में आठ की दोपहर में निरीक्षण करने पहुंचे एमएस प्रोफेसर केके गुप्ता पर थप्पड़ मारने और धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाते हुए अस्पताल के नर्सिंग ऑफिसर कामकाज छोड़ इमरजेंसी गेट के सामने धरना दे रहे हैं। छठे दिन भी उनका धरना जारी है। जैसे-जैसे धरना आगे बढ़ता जा रहा है मरीजों की परेशानियां भी उतनी ही बढ़ रही हैं।
हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे, शुरू होगा अनशन
अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे नर्सिंग ऑफिसरों का का कहना है कि पूरे मामले में बीएचयू प्रशासन की ओर से कोई ठोस फैसला छह दिन बाद भी नही लिया जा रहा है। ऐसे में सुंदरकांड पाठ के बाद हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा और उसे पीएम को भेजा जाएगा। शनिवार दोपहर 2 बजे के बाद मांग को लेकर अनशन करने को भी बाध्य होंगे।
आईएमएस निदेशक की अपील का भी असर नही
अब तक 6 दिन में एमएस और आईएमएस निदेशक प्रो.बीआर मित्तल ने कई बार उनसे काम पर लौटने की अपील भी की लेकिन उसका कोई असर नही दिख रहा है। नर्सिंग आफिसर बस इस्तीफे की मांग पर ही अड़े हैं। अब इसका फैसला चाहे जो भी हो लेकिन एमएस और नर्सिंग ऑफिसरों के इस विवाद में सबसे ज्यादा नुकसान मरीजो को हो रहा है। वार्डो में नर्सिंग ऑफिसरों के काम न करने से मरीजों को इंजेक्शन लगाने, आइवी फ्ल्यूड लगाने आदि की समस्या बढ़ गई है।
अस्पताल प्रशासन ने चस्पा कराई अपील वाली सूचना
बीएचयू अस्पताल प्रशासन ने नर्सिंग ऑफिसरों से काम पर लौटने की अपील वाली सूचना को सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में इमरजेंसी गेट सहित अन्य जगहों पर चस्पा कराया है। इसमे एमएस प्रो. केके गुप्ता ने कोरोना काल मे मरीजो के हित में सभी से धरना खत्म कर काम पर लौटने की अपील की है।