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BHU: छेड़खानी के खिलाफ 35 घंटे से सड़क पर छात्राएं, अब तक नहीं आये कुलपति

Sat, 23 Sep 2017 03:05 PM IST
टीम डिजिटल,वाराणसी
टीम डिजिटल,वाराणसी Updated Sat, 23 Sep 2017 03:05 PM IST
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BHU girls protest against molestation second day
बीएचयू छात्राओं का दिन भर चला प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
छेड़खानी के विरोध में शुक्रवार की सुबह से बीएचयू के लंका गेट पर छात्राओं का धरना अभी तक जारी है। छात्राओं की मांग है कि कुलपति  मौके पर पहुंचे लेकिन 35 घंटे बाद भी कुलपति डॉ. जीसी त्रिपाठी अब तक छात्राओं के बीच नहीं पहुंचे हैं।
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अलबत्ता विश्वविद्यालय प्रशासन और वाराणसी प्रशासन आंदोलित छात्राओं को मनाने के लिए सैंकड़ों बार पहल कर चुकी है। छात्रों के इस आंदोलन के कारण शुक्रवार शाम पीएम मोदी का रूट भी बदल दिया गया था। शहर में पीएम थे और इन छात्राओं के प्रदर्शन ने वाराणसी प्रसाशन की चिंता बढ़ा दी थी।
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शुक्रवार सुबह से छात्राओंं  को मनाने,समझाने और डराने के कई बार प्रयास किये गए मगर वो अपनी जगह से नहीं हटी। शुक्रवार पूरी रात सैंकड़ों की संख्या में छात्राएं लंका गेट पर बैठी रहीं। छात्राओं के समर्थन में कुच छात्रों ने रात में कुलपति का पुतला भी जलाया।
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इधर छात्राओं के समर्थन में सोशल मीडिया पर खूब बयानबाजी हो रही है। बीएचयू में छात्राओं का प्रदर्शन सोशल मीडिया में वायरल है। ताजा माहौल के मुताबिक, पीएम के वाराणसी से प्रस्थान होने के बाद बीएचयू में पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि या तो अब कुलपति सामने आयेंगे या फिर छात्राओं  को गिरफ्तार किया जाएगा। 

 

ऐसे शुरू हुआ विवाद

BHU girls protest against molestation second day
बीएचयू छात्राओं का दिन भर चला प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
गुरुवार की रात बीएफए की एक छात्रा से छेड़खानी के विरोध में शुक्रवार की सुबह हंगामा मच गया। आक्रोशित सैकड़ों छात्राएं सुबह करीब छह बजे त्रिवेणी हास्टल से जुलूस के रूप में लंका चौराहा स्थित सिंह द्वार पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। छेड़खानी की घटनाओं से आहत एक छात्रा ने सिर के बाल तक मुंडवा लिए।

विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी के बीच माहौल और गरमाया। सैकड़ों और छात्र-छात्राएं उनके समर्थन में सिंह द्वार पहुंच गए। उन्हें मनाने-समझाने की विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला-पुलिस प्रशासन की कवायद जब शाम तक सफल नहीं हुई तो अफसरों के हाथ-पांव फूल गए।

वजह, लंका चौराहे से ही शाम साढ़े सात बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्लीट निकलने वाली थी। उनके दुर्गा मंदिर जाने की तैयारियाें के बीच छात्राओं को सिंह द्वार से हटाने की प्रशासनिक अमले की मशक्कत रात तक कामयाब नहीं हो पाई थी।  

गुरुवार की देर शाम भारत कला भवन के पास बीएफए की एक छात्रा से छेड़खानी हुई थी। इसकी शिकायत जब उसने वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों से की तो उन्होंने नहीं सुनी। छात्रा अपने हास्टल (त्रिवेणी संकुल) पहुंची और वार्डन से शिकायत की।

वार्डन ने उस पर ही सवाल उठा दिया कि वो देर शाम हास्टल से बाहर क्यों थी? इसी बात पर छात्राएं नाराज हो गईं। देर रात तक हास्टल में उनका हंगामा चला और सुबह होते ही वो घटना के विरोध में सिंह द्वार पहुंच गईं। बीएफए की ही एक छात्रा ने इसी विरोध में देर शाम सिर मुंडवा लिया। उसका कहना था कि महीने भर पहले वो भी छेड़खानी की शिकार हुई थी।
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