{"_id":"588642114f1c1bbd7ecf434b","slug":"bhu-foundation-day-will-celebrate-on-february-first","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक फरवरी को धूमधाम से मनेगा बीएचयू का स्थापना दिवस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक फरवरी को धूमधाम से मनेगा बीएचयू का स्थापना दिवस
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 23 Jan 2017 11:19 PM IST
विज्ञापन
स्थापना दिवस पर निकलेंगी आकर्षक झांकियां
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काशी हिंदू विश्वविद्यालय का 101वां साल एक फरवरी, बसंत पंचमी के दिन पूरा हो रहा है।
बसंती पंचमी यानी विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर निकलने वाली झांकियों की तैयारी के मद्देनजर कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी की अध्यक्षता में सोमवार को बैठक हुई।
कुलपति ने आह्वान किया कि इस साल हॉस्टल व विश्वविद्यालय परिसर में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करने के बजाए उनके चित्रों की पूजा की जाए। ताकि विसर्जन की आवश्यकता न हो।
कुलपति ने कहा कि हम विश्वविद्यालय के अगले शताब्दी में प्रवेश कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि हर संकाय और संस्थान की ओर से निकलने वाली झांकी के पीछे विषय और विचार होना चाहिए जो कि सामाजिक संदेश दे। छात्रों की पूरी सहभागिता होनी चाहिए।
विज्ञापन
इसमें संस्थान व संकायों के अलावा भारत अध्ययन केंद्र और केंद्रीय ग्रंथालय की ओर से झांकियां निकाली जाएंगी।
छात्र अधिष्ठाता प्रो. एमके सिंह ने बताया कि झांकियों में कुल तीस टीमें हिस्सा लेंगी। इसके लिए एक केंद्रीय समिति का गठन भी किया गया है।
विज्ञापन
बसंती पंचमी यानी विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर निकलने वाली झांकियों की तैयारी के मद्देनजर कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी की अध्यक्षता में सोमवार को बैठक हुई।
कुलपति ने आह्वान किया कि इस साल हॉस्टल व विश्वविद्यालय परिसर में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करने के बजाए उनके चित्रों की पूजा की जाए। ताकि विसर्जन की आवश्यकता न हो।
विज्ञापन
कुलपति ने कहा कि हम विश्वविद्यालय के अगले शताब्दी में प्रवेश कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि हर संकाय और संस्थान की ओर से निकलने वाली झांकी के पीछे विषय और विचार होना चाहिए जो कि सामाजिक संदेश दे। छात्रों की पूरी सहभागिता होनी चाहिए।
विज्ञापन
इसमें संस्थान व संकायों के अलावा भारत अध्ययन केंद्र और केंद्रीय ग्रंथालय की ओर से झांकियां निकाली जाएंगी।
छात्र अधिष्ठाता प्रो. एमके सिंह ने बताया कि झांकियों में कुल तीस टीमें हिस्सा लेंगी। इसके लिए एक केंद्रीय समिति का गठन भी किया गया है।