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Exclusive: पं. लेखराज ने 33,499 लोगों के हाथ देखकर की भविष्यवाणी, इनमें 4 राष्ट्रपति व अन्य प्रमुख नेता भी

Sat, 22 Mar 2025 11:37 AM IST
प्रगति चंद हिमांशु अस्थाना, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।
हिमांशु अस्थाना, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Sat, 22 Mar 2025 11:37 AM IST
सार

बीएचयू पहुंचे 1966 बैच के छात्र पं लेखराज ने 33,499 लोगों के हाथ देखकर भविष्यवाणी की। इनमें चार राष्ट्रपति और अन्य प्रमुख नेता भी हैं। उन्होंने बता कि ज्योतिष शास्त्र की मदद से आपका जन्मदिन या अन्य जानकारी नहीं है तब भी भविष्य देखा जा सकता है। 

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BHU alumnus Pt. Lekhraj Sharma made predictions by looking at hands of 33,499 people including President
प्रख्यात ज्योतिषाचार्य और प्रेसिडेंट मेडल अवार्डी पं. लेखराज शर्मा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अगर आपको अपना जन्मदिन, जन्म का समय और जन्म स्थान के बारे में कुछ भी पता नहीं है तो भी आपकी कुंडली बनाई जा सकती है। ज्योतिष शास्त्र की मदद से आपका भविष्य देखा जा सकता है। बीएचयू के ज्योतिष सम्मेलन में पहुंचे 1966 बैच के छात्र व प्रख्यात ज्योतिषाचार्य और प्रेसिडेंट मेडल अवार्डी पं. लेखराज शर्मा ने ये बातें अमर उजाला से कहीं। उन्होंने कहा कि अब तक 33,499 लोगों का हाथ देखकर ही कुंडली बनाई है। इसमें चार राष्ट्रपति भी शामिल हैं। 

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कभी उनके पास 90 के दशक के प्रमुख नेताओं की कुंडली का डेटा था, लेकिन अब सुरक्षा वजहों के चलते कलेक्शन नहीं है। बीएचयू में वह अपने शिष्य दुबई के आचार्य पवन पाठक के साथ पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान पंडित लेखराज शर्मा ने कई लोगों के हाथों की लकीरों को देखकर ही उनकी जन्मतिथि, जन्म समय और जन्म स्थान बता दिया। यह विधा देख लोग हैरान थे। 
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पं. शर्मा ने कहा कि इसके लिए सामुद्रिक शास्त्र की शिक्षा ली। हाथ से कुंडली बनाने के लिए दो घंटे के लग्न में एक ही व्यक्ति की कुंडली बनाई जा सकती है। दूसरा लग्न शुरू होने के बाद ही डिटेल बताई जा सकती है। हर दो घंटे में पूर्व में राशि का उदय होता है, यही लग्न है। इसलिए हर दो घंटे पर ही एक कुंडली बन सकती है।  
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90 फीसदी ज्योतिषविद सॉफ्टवेयर पर आधारित

पंडित लेखराज ने बीएचयू से 1966 में धर्म शास्त्र और ज्योतिष विधा की पढ़ाई की शुरुआत की थी। तभी से वह अपने हाथ से कुंडलियां बना रहे हैं। कंप्यूटर के आने के बाद भी लंबे समय तक उन्होंने किसी सॉफ्टवेयर की मदद नहीं ली। उनका कहना है कि आज 90 फीसदी ज्योतिषविद सॉफ्टवेयर पर ही युश्रित हो गए हैं। इससे ज्योतिष विद्या का ह्रास हो रहा है। वे आज भी ज्योतिष की गणना अपने दिमाग से कर लेने में सक्षम हैं। पंडित लेखराज हिमाचल प्रदेश के मंडी स्थित जोगिंदर नगर के निवासी हैं। लंबे समय तक इंडियन आर्मी में कैप्टन रहे। धर्म गुरु और ज्योतिषाचार्य बनकर अपनी सेवाएं दी हैं।
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