वाराणसी की बेटी प्रशांति को मिली बड़ी जिम्मेदारीः डोपिंग में फंसे खिलाड़ियों की अपील पर देंगी फैसला, नाडा के पैनल में मनोनित
पद्मश्री और अर्जुन अवार्ड सम्मान प्राप्त कर चुकीं प्रशांति ने बताया एक महिला बास्केटबॉल खिलाड़ी के तौर इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलना काशी सहित पूरे देश के लिए गौरव की बात है।
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वाराणसी की बेटी, बास्केटबॉल खिलाड़ी प्रशांति सिंह को दो वर्ष के लिए राष्ट्रीय एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) के अपील पैनल में शामिल किया गया है। इसमें विधि विशेषज्ञ, खेल वैज्ञानिक, डॉक्टरों के साथ स्पोर्ट्स मेंबर के रूप में डोप में फंसे खिलाड़ियों की अपील पर फैसला देंगी।
प्रशांति नाडा के अलावा अखिल भारतीय खेल परिषद (एआईएससी) में देश की एक मात्र महिला बास्केटबॉल खिलाड़ी के तौर पर सदस्य हैं। इसमें क्रिकेटर हरभजन सिंह, पहलवान योगेश्वर दत्त, दीपा मलिक जैसे दिग्गज खिलाड़ी सदस्य हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और सात एशियन बास्केटबॉल चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर पद्मश्री और अर्जुन अवार्ड सम्मान प्राप्त कर चुकीं प्रशांति ने बताया एक महिला बास्केटबॉल खिलाड़ी के तौर इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलना काशी सहित पूरे देश के लिए गौरव की बात है।
सिंह सिस्टर्स के नाम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपने हुनर का जलवा दिखाने वाली वाराणसी की चार महिला बास्केटबॉल खिलाड़ी बहनों में प्रशांति तीसरे नंबर की हैं। उनकी बहन प्रतिमा सिंह की शादी क्रिकेटर ईशांत शर्मा से हुई है। जबकि छोटे भाई नेशनल फुटबॉलर हैं। पढ़ेंः किराएदार रखने से पहले देनी होगी थाने पर सूचना, ग्रामीण क्षेत्र में लागू हुई धारा 144
क्या है नाडा का अपील पैनल
जब कोई खिलाड़ी डोप टेस्ट में फंसता है और उसे लगता है कि उसने गलती से ऐसा किया है तो वह अपील पैनल से न्याय गुहार लगाता है। इसकी सुनाई अपील पैनल करता है। इसमें पैनल विधि विशेषज्ञ, खेल वैज्ञानिक, डॉक्टर और स्पोर्ट्स मेंबर खेल के स्तर और खिलाड़ी की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार फैसला लिया जाता है। इसके बाद खिलाड़ी को या तो न्याय मिलती है या खिलाड़ी को किसी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पर प्रतिबंध लगाया जाता है।