काशी हिंदू विश्वविद्यालय: 17 महीनों से बंद बीएचयू को खोलने का फिर उठा मुद्दा, एनएसयूआई ने उठाई आवाज
एनएसयूआई बीएचयू इकाई के पदाधिकारियों ने प्रभारी कुलपति से मिलकर विश्वविद्यालय को खोले जाने के लिए ज्ञापन सौंपा। चेतावनी दी कि 30 जुलाई तक का अगर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन किया जाएगा।
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कोरोनाकाल में बंद चल रहे काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) को खोले जाने का मुद्दा एक बार फिर एनएसयूआई ने उठाया है। एनएसयूआई बीएचयू इकाई के पदाधिकारियों ने प्रभारी कुलपति से मिलकर विश्वविद्यालय को खोले जाने के लिए ज्ञापन सौंपा।
अभी 10 दिन पहले भी एनएसयूआई ने कुलपति से यही मांग की थी। इस दौरान कुलपति से ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों मोड में कक्षाएं चलाए जाने की मांग रखी। साथ ही चेतावनी दी कि 30 जुलाई तक का अगर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन किया जाएगा।
17 महीनों से छात्रों की पढ़ाई का नुकसान
एनएसयूआई बीएचयू इकाई के महासचिव अनिक देव सिंह, राणा रोहित सिंह आदि छात्रों ने कुलपति से हुई बातचीत में बताया कि पिछले 17 महीनों से बीएचयू के बंद होने से छात्रों की पढ़ाई का बहुत नुकसान हुआ है। अब जब कोरोना का संक्रमण कम हुआ है तो विश्वविद्यालय को खोलते हुए यहां कक्षाएं भी शुरू कराई जानी चाहिए।
बताया कि ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों मोड में कक्षाएं चलने से बहुत हद तक छात्र अपनी पढ़ाई कर सकेंगे। इसके साथ ही छात्रों ने प्रैक्टिकल की कक्षाएं भी ऑफलाइन मोड में कराने की मांग की। इस दौरान छात्रों ने कुलपति से जल्द से जल्द सभी के टीकाकरण कराने की बात कही है। इस दौरान कपीश्वर मिश्रा, शुभम राय, सुधांशु तिवारी आदि लोग मौजूद रहे।