बनारस बार एसोसिएशन: उपाध्यक्ष 10 वर्ष से अधिक और 10 साल से कम का एक-एक पद समाप्त
बनारस बार एसोसिएशन में गुप्त मतदान के बाद बड़े अंतर से संविधान संशोधन के पक्ष में पड़ा मत।
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अब बनारस बार में उपाध्यक्ष 10 वर्ष से अधिक का एक पद और 10 वर्ष से कम का एक मात्र पद समाप्त हो गया। बृहस्पतिवार को बनारस बार एसोसिएशन में गुप्त मतदान के बाद बड़े अंतर से संविधान संशोधन के पक्ष में मत पड़ा। एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन क्षत्रधारी सिंह ने देर शाम परिणाम की घोषणा की। इसमें दोनों पद को समाप्त करने पर मुहर लगी।
घोषणा के मुताबिक जिन चार बिंदुओं पर मतदान कराया गया, उनमें उपाध्यक्ष 10 वर्ष से अधिक के दो पदों में से एक को समाप्त करने के पक्ष में 1288 और विपक्ष में 445, उपाध्यक्ष 10 वर्ष से कम के एक पद को समाप्त करने के पक्ष में 1274 और विपक्ष में 453, संयुक्त सचिव प्रकाशन और पुस्तकालय के दो पदों को एक कर संयुक्त मंत्री पुस्तकालय व प्रकाशन करने के पक्ष में 1262 मत और विपक्ष में 448 मत पड़े।
चुनाव लड़ने के लिए किसी पद पर 10 वर्ष वकालत अनुभव करने के पक्ष में 1275 और विपक्ष में 428 मत पड़े। इस तरह अब बनारस बार में उपाध्यक्ष 10 वर्ष से अधिक का एक पद और उपाध्यक्ष 10 वर्ष से कम का एक मात्र पद समाप्त हो गया। संयुक्त मंत्री पुस्तकालय और प्रकाशन को एक पद पर विलय कर दिया गया और मैनेजिंग से लेकर सभी पदों पर 10 वर्ष का वकालत अनुभव आवश्यक होगा।
मतदान सुबह 11 से अपराह्न तीन बजे तक चला। इसमें 4445 मतदाताओं में से 1738 ने मत का प्रयोग किया। चार बजे मतगणना शुरू हुई, शाम सवा छह बजे तक परिणाम आ गया। चुनाव कराने में एल्डर्स कमेटी के सदस्य रामानन्द श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार पाठक, अवधेश कुशवाहा, धर्मेंद्र नाथ शर्मा, विशेष समिति में अजय श्रीवास्तव, अशोक सिंह प्रिंस, अशोक राय, ऋषिदेव मिश्र, रुद्र कुमार पाठक के अलावा प्रदीप श्रीवास्तव, अंशुमान त्रिपाठी और बनारस बार के अध्यक्ष धीरेंद्र नाथ शर्मा, महामंत्री रत्नेश्वर पांडेय की भूमिका अहम रहीं।