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गयासुद्दीन बनाएंगे बाबा विश्वनाथ की शाही पगड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Wed, 16 Mar 2016 03:05 AM IST
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काशी विश्वनाथ
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काशी में रंगभरी एकादशी मजहबी एकता की मिसाल बनेगी। प्राचीन नगरी के सबसे बड़े रंगोत्सव पर बाबा विश्वनाथ जिस शाही पगड़ी को बांध कर गवना कराने निकलेंगे, उसे बना रहे हैं लल्लापुरा के गयासुद्दीन। गयासुद्दीन का पूरा परिवार इन दिनों बाबा की शाही पगड़ी को चुन-चुन कर बनाने में जुटा है। माता पार्वती सोने की नथिया, मांगटीका और पटेरिया हार में दर्शन देंगी। रंगभरी एकादशी 19 मार्च को मनाई जाएगी।
रंगभरी एकादशी पर काशी में बाबा के गवने की बारात निकलने के साथ ही होली शुरू हो जाएगी। करीब पांच कुंतल से अधिक अबीर-गुलाल विश्वनाथ गली से गर्भगृह और मंदिर परिसर तक उड़ा दिया जाएगा। गली अबीर-गुलाल की बौछार से लाल हो जाएगी। उन क्षणों के अद्भुत नजारे की तैयारियां जोरों पर हैं। बाबा के करीब 150 साल पुराने शाही सिंहासन की सफाई करा ली गई है। सिंहासन की मरम्मत कुशल कारीगरों से कराई गई। उस पर चांदी के पत्तर मढ़े जा रहे हैं। शिव परिवार की रजत प्रतिमाओं को भी चमका दिया गया है। इन सबके बीच बाबा की शाही पगड़ी का खास आकर्षण होगा।
लल्लापुरा के गयासुद्दीन इस बार बाबा की शाही पगड़ी बना रहे हैं। यह आर्डर पाकर गयासुद्दीन का पूरा परिवार बेहद उत्साहित है और बाबा के माथे की पगड़ी तैयार करने में जुटा है। इसी तरह राजा दरवाजा निवासी राजा कटरा के टेलर बाबा के लिए खादी सिल्क के शाही वस्त्रों की सिलाई कर रहे हैं। महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने बताया कि गयासुद्दीन के पूर्वज भी बाबा की पगड़ी बनाकर धन्य होते थे। अब इस जिम्मेदारी को गयासुद्दीन ने संभाल लिया है। इस रंगोत्सव में बाबा की शाही पगड़ी के जरिए तहजीब के शहर में कौमी एकता और आपसी सौहार्द का संदेश दिया जाएगा।
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रंगभरी एकादशी पर काशी में बाबा के गवने की बारात निकलने के साथ ही होली शुरू हो जाएगी। करीब पांच कुंतल से अधिक अबीर-गुलाल विश्वनाथ गली से गर्भगृह और मंदिर परिसर तक उड़ा दिया जाएगा। गली अबीर-गुलाल की बौछार से लाल हो जाएगी। उन क्षणों के अद्भुत नजारे की तैयारियां जोरों पर हैं। बाबा के करीब 150 साल पुराने शाही सिंहासन की सफाई करा ली गई है। सिंहासन की मरम्मत कुशल कारीगरों से कराई गई। उस पर चांदी के पत्तर मढ़े जा रहे हैं। शिव परिवार की रजत प्रतिमाओं को भी चमका दिया गया है। इन सबके बीच बाबा की शाही पगड़ी का खास आकर्षण होगा।
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लल्लापुरा के गयासुद्दीन इस बार बाबा की शाही पगड़ी बना रहे हैं। यह आर्डर पाकर गयासुद्दीन का पूरा परिवार बेहद उत्साहित है और बाबा के माथे की पगड़ी तैयार करने में जुटा है। इसी तरह राजा दरवाजा निवासी राजा कटरा के टेलर बाबा के लिए खादी सिल्क के शाही वस्त्रों की सिलाई कर रहे हैं। महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने बताया कि गयासुद्दीन के पूर्वज भी बाबा की पगड़ी बनाकर धन्य होते थे। अब इस जिम्मेदारी को गयासुद्दीन ने संभाल लिया है। इस रंगोत्सव में बाबा की शाही पगड़ी के जरिए तहजीब के शहर में कौमी एकता और आपसी सौहार्द का संदेश दिया जाएगा।
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