प्रधान हत्याकांड: कांग्रेस के बाद अब सपा के प्रतिनिमंडल को पुलिस ने रोका, सड़क पर नारेबाजी-धरना शुरू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में प्रधान हत्याकांड के मामले में कांग्रेस और आजाद समाज पाटी (भीम आर्मी) के बाद शनिवार को अब समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रतिनिधिमंडल को प्रशासन ने बांसगांव जाते समय इटौरा में रोक लिया है। इस दौरान नाराज सपाई वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए हैं।
सपा नेताओं ने शासन और प्रशासन के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी है। मौके पर एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में भारी फोर्स तैनात है।
आजमगढ़ जिले के तरवां थाना क्षेत्र के बांसगांव में अनुसूचित जाति के प्रधान की हत्या और पुलिस की गाड़ी से किशोर की मौत के बाद राजनीति गरम है। दो दिन पहले प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने बांसगांव जाने की कोशिश की थी तो उन्हें सर्किट हाउस में नजरबंद कर दिया था। कांग्रेसियों ने वहीं धरना दिया था लेकिन उन्हें जाने नहीं दिया गया।
वहीं, आजाद समाज पार्टी (भाम आर्मी) के प्रमुख चंद्रशेखर को अतरौलिया के लोहरा टोल प्लाजा रोका गया तो उन्होंने भी, वहीं धरना शुरू कर दिया। मामले में सौ से ज्यादा लोगों का 151 में चालान किया गया था। अगले दिन चंद्रशेखर समेत 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
शुक्रवार को सपा जिलाध्यक्ष ने प्रतिनिधिमंडल के बांसगांव जाने की बात कही थी। इस पर प्रशासन की ओर से रोक लगाने की तैयारी कर ली गई थी। सुबह से ही इटौरा में भारी फोर्स तैनात कर दी थी।
शनिवार सुबह सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर पूर्व सांसद बलिहारी बाबू के नेतृत्व में सपा के वरिष्ठ नेता मिठाईलाल भारती, विधायक कल्पनाथ पासवान, पूर्व मंत्री राजेन्द्र कुमार, पूर्व सांसद दरोगा प्रसाद सरोज, पूर्व विधायक रामजग, पूर्व विधायक बेचई सरोज, पूर्व विधायक बृजलाल सोनकर, हरिनाथ राम, अशोक गौतम आदि बांसगांव जाने के लिए तैयार हुए थे तो उन्हें इटौरा में रोक लिया गया। नाराज सपाई वहीं धरने पर बैठ गए हैं। मौके पर नारेबाजी शुरू कर दी है।