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दत्ता सिस्टर्स और पर्वतारोही काजल की बहादुरी को सलाम, अनुप्रिया पटेल ने भेंट किया स्मृति चिह्न
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 18 Dec 2017 01:55 PM IST
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अमर उजाला की ओर से आयोजित समारोह
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने रविवार को फ्रांसीसी पर्यटकों को लखनिया दरी में जानलेवा हमले और छेड़खानी से बचाने वाली तीन बहादुर बेटियों दत्ता सिस्टर्स को अमर उजाला की ओर से रानी लक्ष्मीबाई का स्मृतिचिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
लद्दाख की 18 हजार फीट ऊंचीचोटी पर तिरंगा फहराने वाली मिर्जापुर की कजल पटेल को भी सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से विदेशी सैलानियों के मदद के लिए मनबढ़ों से मोर्चा लिया वह काबिले तारीफ है। विदेशी सैलानियों ने भारत में आकर भारतीयों के दो चेहरे देखे।
एक जो उन्हें परेशान करने वाला खराब चेहरा और दूसरा जो उनकी मदद के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना आगे आया। उन्होंने पूरे समाज को बेहतरीन संदेश दिया है और भारत की अतिथि देवो भव: की परिकल्पना के अनुसार काम किया है।
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यह कहना है केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल का। वह रविवार को अमर उजाला की ओर से संपूर्णानंद सिगरा स्टेडियम में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रही थीं।
केंद्रीय मंत्री ने रिया, मिली और तानिया दत्ता को जब बहादुरी के लिए अमर उजाला की ओर से सम्मानित किया तो पूरा हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
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लद्दाख की 18 हजार फीट ऊंचीचोटी पर तिरंगा फहराने वाली मिर्जापुर की कजल पटेल को भी सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से विदेशी सैलानियों के मदद के लिए मनबढ़ों से मोर्चा लिया वह काबिले तारीफ है। विदेशी सैलानियों ने भारत में आकर भारतीयों के दो चेहरे देखे।
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एक जो उन्हें परेशान करने वाला खराब चेहरा और दूसरा जो उनकी मदद के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना आगे आया। उन्होंने पूरे समाज को बेहतरीन संदेश दिया है और भारत की अतिथि देवो भव: की परिकल्पना के अनुसार काम किया है।
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यह कहना है केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल का। वह रविवार को अमर उजाला की ओर से संपूर्णानंद सिगरा स्टेडियम में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रही थीं।
केंद्रीय मंत्री ने रिया, मिली और तानिया दत्ता को जब बहादुरी के लिए अमर उजाला की ओर से सम्मानित किया तो पूरा हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
मिर्जापुर की काजल पटेल
- फोटो : अमर उजाला
इसके उपरांत उन्होंने लद्दाख की 18 हजार फीट ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराने वाली मिर्जापुर की काजल पटेल को भी सम्मानित किया। केंद्रीय मंत्री ने कराटे खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि ये बेटियां आपकी रोल मॉडल हैं। इन्होंने इतनी कम उम्र जो मिसाल पेश की है वह काबिले तारीफ है।
हमारे सामने कई बार ऐसी स्थितियां आती है कि लोग सड़क हादसे के दौरान मदद करने से घबराते हैं। हमारी सरकार इस बारे में कानून लाने पर विचार कर रही है।
यह तो रही सरकार की बात लेकिन आपकी आंखों के सामने अगर कुछ गलत हो रहा है तो हमें कुछ भी सोचे बगैर उसकी मदद करने का साहस दिखाना होगा। पब्लिक ट्रांसपोर्ट में आए दिन छेड़खानी की घटनाएं सामने आती हैं तो ऐसी स्थिति में हमें उसका विरोध करने के लिए आगे आना होगा।
हर बच्चे की एक अलग विशेषता होती है अलग क्षमता होती है। हर बच्चा अपनी एक अलग काबिलियत के साथ पैदा होता है। उस काबिलियत को पहचानें और उसी दिशा में बेहतर करने का प्रयास करें।
हमारे सामने कई बार ऐसी स्थितियां आती है कि लोग सड़क हादसे के दौरान मदद करने से घबराते हैं। हमारी सरकार इस बारे में कानून लाने पर विचार कर रही है।
यह तो रही सरकार की बात लेकिन आपकी आंखों के सामने अगर कुछ गलत हो रहा है तो हमें कुछ भी सोचे बगैर उसकी मदद करने का साहस दिखाना होगा। पब्लिक ट्रांसपोर्ट में आए दिन छेड़खानी की घटनाएं सामने आती हैं तो ऐसी स्थिति में हमें उसका विरोध करने के लिए आगे आना होगा।
हर बच्चे की एक अलग विशेषता होती है अलग क्षमता होती है। हर बच्चा अपनी एक अलग काबिलियत के साथ पैदा होता है। उस काबिलियत को पहचानें और उसी दिशा में बेहतर करने का प्रयास करें।