अमर उजाला शिक्षा अभियान: अब छुट्टियों में भी चलती हैं ऑनलाइन कक्षाएं, मोबाइल पर एप से पढ़ाना सिखाया
वाराणसी में शिक्षकों का कहना है कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई ने बच्चों में काफी बदलाव किया है। स्कूल खुलने के बाद अब बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए शिक्षकों ने कई गतिविधियां शुरू की हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना संक्रमण काल में बच्चों की शिक्षा ऑनलाइन जारी रही। इसी का परिणाम है कि बच्चे अब शिक्षकों के ज्यादा नजदीक हैं और कुछ शिक्षक तो छुट्टियों में भी बच्चों की कक्षाएं चलाते हैं। वाराणसी में स्कूल खुलने के बाद शिक्षकों को बच्चों की शिक्षा को पटरी पर लाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
कई बच्चों की लिखने और सीखने की आदतें भी काफी बदल गई हैं। शिक्षकों का कहना है कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई ने बच्चों में काफी बदलाव किया है। स्कूल खुलने के बाद अब बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए शिक्षकों ने कई गतिविधियां शुरू की हैं।
घर-घर जाकर अभिभावकों को किया गया जागरूक
प्राथमिक विद्यालय छतेरी की सहायक अध्यापिका नीलम सिंह ने बताया की कोरोना काल ने शिक्षा जगत का पूरा स्वरूप ही बदल दिया। डिजिटल इंडिया की मदद से हमने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर शैक्षणिक गतिविधियां जारी रखीं और मोहल्ला क्लास का संचालन भी किया। इससे संक्रमण काल में भी बच्चों का सीखना जारी रहा। घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक किया व अपने मोबाइल पर दीक्षा एप और प्रेरणा लक्ष्य एप से पढ़ाना सिखाया। ऑनलाइन क्लास में हिंदी व गणित पढ़ाते हुए गृहकार्य भी चेक किया।
रामेश्वर प्राइमरी स्कूल की प्रधानाध्यापिका मुकुल मौर्य ने बताया की शिक्षा का दीपक कोरोना काल में भी जलता रहे। इसके लिए हमने घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक करते हुए बच्चों को अपने मोबाइल फोन पर रीड एलांग एप से पढ़ना सिखाया एवं आनलाइन क्लास में हिंदी, अंग्रेजी पढ़ाया और होमवर्क चेक किया। आज भी सभी बच्चे व्हाट्सएप से जुड़े हैं। छुट्टियों में आज भी ऑनलाइन क्लास चलती है।