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Varanasi News: 60 साल की वायुसेना विरासत के बाद काशी में पहली बार होगा वायु शक्ति का भव्य प्रदर्शन

Thu, 08 Oct 2026 01:12 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2026 01:12 AM IST
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After a 60-year Air Force legacy, a grand display of air power will be held in Kashi for the first time.
60 साल की वायुसेना विरासत के बाद काशी में पहली बार होगा वायु शक्ति का भव्य प्रदर्शन
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- 22, 24 और 25 अक्तूबर को होगा एयर शो, 1965 से कारगिल जंग लड़ चुकी मध्य वायु कमान काशी में दिखाएगी ताकत
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ पर इस बार काशी के गंगा तट पर वायु शक्ति का रोमांच देखने को मिलेगा। मध्य वायु कमान की ओर से 22, 24 और 25 अक्तूबर को भारतीय वायु सेना दिवस हवाई प्रदर्शन-2026 किया जाएगा। इस दौरान 1965 से कारगिल जंग लड़ चुकी मध्य वायु कमान काशी में ताकत दिखाएगी।
रक्षा मंत्रालय के जन संपर्क अधिकारी और विंग कमांडर देबार्थो धर ने बताया कि इस आयोजन का काशी से सिर्फ भौगोलिक नहीं, बल्कि करीब पांच दशक पुराना संस्थागत रिश्ता भी है। वाराणसी में जनवरी 1976 से संख्या-4 वायु सेना चयन बोर्ड कार्यरत है। यह बोर्ड भारतीय वायुसेना के अधिकारी संवर्ग के लिए अभ्यर्थियों का परीक्षण और चयन करता है। उड़ान शाखा के अभ्यर्थियों की कम्प्यूटरीकृत पायलट चयन प्रणाली के तहत परीक्षा भी यहां होती है। यानी करीब 50 वर्षों से काशी देश के युवाओं को वायुसेना में अधिकारी बनने की राह से जोड़ रही है। अब इसी शहर के आसमान में वायुसेना अपनी ताकत और पेशेवर दक्षता का प्रदर्शन करेगी।
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60 साल पूरे कर रही मध्य वायु कमान
बमरौली, प्रयागराज स्थित मध्य वायु कमान फरवरी 1966 से यहां कार्यरत है। वर्ष 2026 में कमान अपनी स्थापना के बाद प्रयागराज में 60 वर्ष पूरे कर रही है। इसकी विरासत में 1965 और 1971 के युद्धों से लेकर कारगिल युद्ध तक की महत्वपूर्ण भूमिका शामिल है। 1999 के ऑपरेशन सफेद सागर में ग्वालियर से संचालित मिराज-2000 विमानों ने कारगिल क्षेत्र में टाइगर हिल और मुन्थो ढालो समेत महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर सटीक प्रहार किए थे।
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जंग से लेकर आपदा तक निभाई जिम्मेदारी
देबार्थो ने बताया कि मध्य वायु कमान की भूमिका केवल युद्ध अभियानों तक सीमित नहीं रही है। भुज भूकंप, हिंद महासागर सुनामी, उत्तराखंड आपदा के दौरान ऑपरेशन राहत, जम्मू-कश्मीर की बाढ़ में ऑपरेशन मेघ राहत, नेपाल भूकंप और विभिन्न राज्यों में बाढ़ के दौरान वायुसेना के विमानों और जवानों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाए। सड़क संपर्क टूटने और प्रभावित इलाकों तक तत्काल पहुंच मुश्किल होने की स्थिति में हवाई अभियान लोगों तक मदद पहुंचाने का अहम माध्यम बने।

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गंगा किनारे युवाओं को मिलेगी वायु शक्ति की झलक
गंगा के ऐतिहासिक तट की पृष्ठभूमि में होने वाला यह हवाई प्रदर्शन युवाओं के लिए भी खास होगा। आयोजन के जरिए उन्हें भारतीय वायुसेना की कार्यप्रणाली, साहस और सेवा की विरासत को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। वायुसेना के मुताबिक हवाई प्रदर्शन के विस्तृत समय, सार्वजनिक दर्शक क्षेत्रों, यातायात, पार्किंग और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे। आम लोगों से अधिकृत सूचनाओं का पालन करने और नागरिक प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की गई है।
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