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टेक्नोलॉजी: जूते से हत्यारोपी की पहचान, शोरूम में चोरी के आरोपी को टोंटी पर मिले फिंगरप्रिंट से पकड़ा

Sat, 05 Sep 2026 01:26 PM IST
Pragati Chand ललित शंकर पांडेय, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।
ललित शंकर पांडेय, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Sat, 05 Sep 2026 01:26 PM IST
सार

वाराणसी में फॉरेंसिक फील्ड यूनिट की हाईटेक कार्यप्रणाली से अपराधियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। यहां जूते से हत्यारोपी की पहचान और शोरूम में चोरी के आरोपी को टोंटी पर मिले फिंगरप्रिंट से पकड़ा गया। 

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Accused murderer identified via shoe showroom theft suspect caught using fingerprints found on tap in Varanasi
वाराणसी में चलती- फिरती लैब से क्राइम का पर्दाफाश - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फॉरेंसिक फील्ड यूनिट की हाईटेक कार्यप्रणाली से जनवरी से अगस्त 2026 के बीच 1059 वारदात का खुलासा किया गया। वैज्ञानिक अनुसंधान, सटीक साक्ष्य से आरोपियों को दबोचा गया है। जूते से हत्यारोपी की पहचान की और शोरूम में चोरी के आरोपी को टोंटी पर मिले फिंगरप्रिंट से पकड़ा गया। कमिश्नरेट की फॉरेंसिक फील्ड यूनिट हर महीने 140 घटनास्थलों पर जाकर वैज्ञानिक जांच करती है। हर दिन करीब 5 मामलों में क्राइम सीन पर पहुंचती है। 

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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना की सटीक और तुरंत जानकारी के लिए यूनिट को तीन प्रमुख माध्यमों से जोड़ा गया है। इनमें पुलिस कंट्रोल रूम, स्थानीय थाना और सीसीटीएनएस पोर्टल (डिजिटल नेटवर्क) शामिल है। आधुनिक सूचना तंत्र के कारण घटनास्थल पर पहुंचने का रिस्पांस टाइम कम हुआ है। इसकी वजह से विवेचना को मजबूत आधार मिला है।

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चलती-फिरती लैब, 2 हाईटेक वैन से ऑन-स्पॉट जांच
तत्काल रिस्पांस के लिए फील्ड यूनिट को 2 विशेष मोबाइल वाहन सौंपे गए हैं। ये वाहन चलती-फिरती आधुनिक लैब से कम नहीं हैं। ऐसी एडवांस्ड फॉरेंसिक किट और उपकरण मौजूद हैं, जिनसे घटनास्थल पर ही फिंगरप्रिंट, ब्लड सैंपल, विस्फोटक अवशेष की तुरंत जांच की जा सकती है। रिपोर्ट आने के लंबे इंतजार के बिना जांच की दिशा तुरंत तय हो जाती है।

केस-1
25 दिसंबर 2025 को शिवपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनुपमा पटेल की सिलबट्टे से सिर कूंचकर हत्या कर दी गई थी। मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था। वह घर में अकेली थीं। टीम ने घर के अंदर छानबीन के दौरान जूते के निशान से आरोपी की पहचान की। फॉर्मल जूते पहनकर कातिल मोहित यादव ने लूट के इरादे से वारदात को अंजाम दिया था। टीम ने सीसी कैमरे और जूते के निशान के आधार पर घटना वाले दिन ही मोहित और उसकी पत्नी अंजली चौहान को गिरफ्तार किया था।

केस-2
14 अगस्त 2026 को मंडुवाडीह-लहरतारा मार्ग पर बाइक के शोरूम में चोरी हो गई। फॉरेंसिक टीम ने 7 घंटे में चोरी का पर्दाफाश कर लिया। चोरों ने वारदात से पहले शोरूम में कॉफी बनाई, डांस किया और वॉशरूम में नहाया भी। टोंटी और कॉफी मशीन के फिंगर प्रिंट से उसकी पहचान हुई। पुलिस ने गाजीपुर से आरोपी को दबोच लिया।

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अधिकारी बोले

पारंपरिक पुलिस जांच को आधुनिक वैज्ञानिक आधार मिलने से केस में ठोस सबूत अदालत के सामने पेश किए जा रहे हैं। इससे बेगुनाह फंसने से बच रहे हैं और दोषियों का बचना नामुमकिन हो रहा है। -प्रमोद कुमार, डीसीपी लाइन, वरुणा जोन

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