फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Crisis for Sanskrit in Kashi 105 out of 152 sanctioned posts across 38 schools vacant

काशी में संस्कृत पर संकट: 38 विद्यालयों में 152 सृजित पदों में से 105 खाली, तीन वर्षों से नहीं बढ़े छात्र

Sat, 05 Sep 2026 11:18 AM IST
Pragati Chand अभिषेक मिश्र, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।
अभिषेक मिश्र, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Sat, 05 Sep 2026 11:18 AM IST
सार

वाराणसी संस्कृत की राजधानी है, फिर भी यहां पढ़ने वालों की संख्या घट रही है। यही वजह है कि नए नामांकन के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। जिले में 38 विद्यालयों में 152 सृजित पदों में से 105 खाली हैं। 

विज्ञापन
Crisis for Sanskrit in Kashi 105 out of 152 sanctioned posts across 38 schools  vacant
काशी में संस्कृत पर संकट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

काशी को संस्कृत और भारतीय संस्कृति की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक राजधानी माना जाता है। फिर भी यहां संस्कृत पढ़ने और पढ़ाने वालों की संख्या पर संकट है। बीते तीन वर्षों की बात करें तो जिले के 38 संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में न तो शिक्षकों की संख्या बढ़ी है और न ही छात्रों की। जिले के 38 विद्यालयों में शिक्षकों के कुल 152 सृजित पदों में से 105 खाली हैं। वहीं, छात्रों की संख्या भी तीन वर्षों में 10 हजार तक नहीं पहुंच सकी है।

विज्ञापन


काशी में संस्कृत का महत्व काफी पुराना है। सरकार की ओर से भी शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर परिणाम बहुत अच्छे नहीं हैं। जिले के संस्कृत विद्यालयों में अगर गुरुजी ही न हों तो शिक्षा व्यवस्था का हाल क्या होगा, यह समझना मुश्किल नहीं है। वाराणसी के संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों की तस्वीर कुछ ऐसी ही है। 
विज्ञापन


जिले में संचालित 38 संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य और अध्यापकों के कुल 136 पद खाली पड़े हैं। इनमें प्रधानाचार्य के स्वीकृत 38 पदों में महज सात पर ही तैनाती है, जबकि 31 पद रिक्त हैं। वहीं, अध्यापकों के लिए स्वीकृत 152 पदों में एक भी नियमित शिक्षक कार्यरत नहीं है और 105 पद रिक्त दर्शाए गए हैं। लंबे समय से नियुक्ति न होना इसका प्रमुख कारण है।

विज्ञापन
विज्ञापन

38 विद्यालय, 38 प्रधानाचार्यों की जरूरत, मिले सिर्फ सात
मौजूदा स्थिति के अनुसार वाराणसी में कुल 38 संस्कृत माध्यमिक विद्यालय हैं। इन विद्यालयों के संचालन के लिए प्रधानाचार्य के 38 पद सृजित हैं। इसके सापेक्ष महज सात प्रधानाचार्य कार्यरत हैं और 31 पद खाली हैं। यानी करीब 82 फीसदी पद रिक्त हैं। ऐसे में सवाल यह है कि जिन विद्यालयों को नियमित रूप से संचालित होना है, वहां प्रशासनिक जिम्मेदारी कौन संभाल रहा है और विद्यालयों की शैक्षिक गतिविधियों की निगरानी किस तरह हो रही है।

अध्यापक के 152 पद, नियमित कार्यरत एक भी नहीं
सबसे चौंकाने वाली स्थिति अध्यापकों के पदों पर देखने को मिल रही है। आंकड़ों में अध्यापकों के 152 पद सृजित हैं। इनमें नियमित कार्यरत अध्यापकों की संख्या शून्य दर्ज है, जबकि 105 पद रिक्त बताए गए हैं। यानी स्वीकृत पदों में 47 पदों पर मानदेय शिक्षक ही व्यवस्था देख रहे हैं।

कई विद्यालय सिर्फ कागजों में संचालित, महीनों नहीं खुलता ताला
जिले के कई संस्कृत माध्यमिक विद्यालय ऐसे भी हैं जो कागजों में तो चल रहे हैं, लेकिन महीनों उनका ताला भी नहीं खुलता है। इसका कारण शिक्षकों की कमी तो है ही, समय-समय पर निरीक्षण न होना भी है। यहां छात्र सिर्फ परीक्षा देने के समय ही दिखाई देते हैं। जेडी कार्यालय में तैनात संस्कृत विद्यालय निरीक्षक समय-समय पर विद्यालयों का निरीक्षण कर रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजते हैं। हालांकि, मंडल का पदभार होने के कारण निरीक्षक फील्ड में कम निकल पाते हैं।

जिले में शिक्षकों के आंकड़े एक नजर में

पद सृजित पदों की संख्या कार्यरत रिक्त
प्रधानाचार्य 38 7 31
अध्यापक 152 0 105
शिक्षणेत्तर कर्मचारी 0 0 0
कुल 190 0 136



बीते तीन शैक्षणिक सत्र में छात्रों की संख्या

शैक्षणिक सत्र   संख्या
2026-27   7000
2025-26   5996
2024-25   6395

 
अधिकारी बोले

संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्तियां नहीं हुई हैं। रिक्त पदों की जानकारी शासन को हर साल भेजी जा रही है। विद्यालयों में ताला बंद होने की जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराएंगे। रिक्त पदों को जल्दी ही भरा जाएगा। छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए नामांकन अभियान भी चलाया गया। -परमानंद सिंह, निरीक्षक, संस्कृत विद्यालय

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed