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मेहनत करिए और देश की जिम्मेदारी उठाइए ः अभिषेक बच्चन
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Thu, 03 Mar 2016 02:17 AM IST
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय के अंतर संकाय युवा महोत्सव ‘स्पंदन 2016’ का उद्घाटन समारोह...। मंच पर सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के बेटे अभिषेक बच्चन और उनके सामने हजारों स्पंदित युवा मन। जोश, उत्साह और उमंग से लबरेज। जूनियर बच्चन को अपने बीच पाकर युवाओं के उत्साह और उमंग की बेड़ियां टूट गईं। अभिषेक बच्चन ने भी एक ओर जहां युवाआें के जोशीले अभिवादन को पूरी गर्मजोशी से स्वीकार किया, वहीं देश प्रेम का जज्बा भी जगाया। उन्हें मेहनत से पढ़ाई करने, संस्कार के साथ जीवन जीने और देश की जिम्मेदारी उठाने की सीख दी।
मुख्यअतिथि अभिषेक ने कहा कि आप स्टूडेंट्स हैं आज। कल आप देश चलाएंगे और यह आपकी जिम्मेदारी भी है। कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की बात मुझे बेहद पसंद है। उन्होंने एक बात कही थी, आप ये सवाल मत पूछो कि देश आपके लिए क्या कर सकता है, ये सवाल पूछो कि आप देश के लिए क्या कर सकते हो। आप खूब मेहनत करिए। पढ़ाई ठीक से करिए। जीवन में जो कुछ करना है दिल लगाकर करिए।
संस्कारों को नजरअंदाज मत करिए। हमेशा ये याद रखिए जो कुछ बचपन में सिखाया गया, उसे हमेशा अपने साथ रखना चाहिए। उन्होंने युवाओं को शुभकामनाएं दीं और कहा कि हमेशा खुश रहिए। हालांकि इस पर उन्होंने चुटकी भी ली। कहा कि मैं आपको आशीर्वाद दे रहा हूं क्योंकि मैं आपसे बड़ा हूं लेकिन सिर्फ एक दो ही साल।
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कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता की। इससे पहले जूनियर बच्चन ने महामना की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर स्पंदन का उद्घाटन किया। स्वागत संयोजक प्रो. वशिष्ठ नारायण त्रिपाठी ने और धन्यवाद ज्ञापन छात्र अधिष्ठाता प्रो. एमके सिंह ने किया। अभिषेक बच्चन का परिचय डॉ. आरती निर्मल ने कराया। संचालन लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता, दीपिका सिंह और कृति त्रिपाठी ने किया। संगीत एवं मंच कला संकाय की छात्राओं ने कुलगीत प्रस्तुत किया। अभिषेक दोपहर दो बजे एंफीथिएटर मैदान पर बने स्पंदन पंडाल में पहुंचे। यहां पहुंचने पर हजारों विद्यार्थियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। वे यहां लगभग एक घंटे रहे।
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मुख्यअतिथि अभिषेक ने कहा कि आप स्टूडेंट्स हैं आज। कल आप देश चलाएंगे और यह आपकी जिम्मेदारी भी है। कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की बात मुझे बेहद पसंद है। उन्होंने एक बात कही थी, आप ये सवाल मत पूछो कि देश आपके लिए क्या कर सकता है, ये सवाल पूछो कि आप देश के लिए क्या कर सकते हो। आप खूब मेहनत करिए। पढ़ाई ठीक से करिए। जीवन में जो कुछ करना है दिल लगाकर करिए।
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संस्कारों को नजरअंदाज मत करिए। हमेशा ये याद रखिए जो कुछ बचपन में सिखाया गया, उसे हमेशा अपने साथ रखना चाहिए। उन्होंने युवाओं को शुभकामनाएं दीं और कहा कि हमेशा खुश रहिए। हालांकि इस पर उन्होंने चुटकी भी ली। कहा कि मैं आपको आशीर्वाद दे रहा हूं क्योंकि मैं आपसे बड़ा हूं लेकिन सिर्फ एक दो ही साल।
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कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता की। इससे पहले जूनियर बच्चन ने महामना की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर स्पंदन का उद्घाटन किया। स्वागत संयोजक प्रो. वशिष्ठ नारायण त्रिपाठी ने और धन्यवाद ज्ञापन छात्र अधिष्ठाता प्रो. एमके सिंह ने किया। अभिषेक बच्चन का परिचय डॉ. आरती निर्मल ने कराया। संचालन लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता, दीपिका सिंह और कृति त्रिपाठी ने किया। संगीत एवं मंच कला संकाय की छात्राओं ने कुलगीत प्रस्तुत किया। अभिषेक दोपहर दो बजे एंफीथिएटर मैदान पर बने स्पंदन पंडाल में पहुंचे। यहां पहुंचने पर हजारों विद्यार्थियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। वे यहां लगभग एक घंटे रहे।