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कैंट पर सरेराह खुले हैं मौत के गड्ढे
Varanasi
Updated Wed, 13 Feb 2013 05:30 AM IST
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वाराणसी। एक तरफ शहर में महाकुंभ से लौट रहे लाखों लोगों की भीड़, वहीं रोडवेज बस स्टैंड के सामने एक नहीं बल्कि दो-दो मौत के गड्ढे। एक है नाला तो दूसरा मेनहोल। इस जानलेवा समस्या की ओर न तो रेल प्रशासन ध्यान दे रहा है, न ही नगर निगम प्रशासन। जिले के आला अफसरान भी इससे बेखबर हैं। इधर, खुले नाले व मेनहोल में गिरकर आए दिन लोग दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं।
नाला बस स्टैंड के सामने सड़क के उस पार खुला है और मेनहोल बीच सड़क पर। क्षेत्रीय दुकानदारों ने लोगों की मुश्किलों का ख्याल करते हुए खुले मेनहोल में बांस डालकर उसके चारों तरफ ईंटें रखकर घेर दी है, लेकिन खुले नाले से लोगों को सावधान करने का कोई उपाय लोगों को नहीं सूझ रहा। नतीजतन, एक महीने के अंदर सौ से अधिक लोग नाले में गिरकर हाथ-पांव तुड़वा चुके हैं।
सोमवार को भी कई यात्री नाले में गिरकर घायल हुए। अधिक भीड़ होने पर क्षेत्रीय दुकानदारों ने पारी बांधकर नाले के समीप ड्यूटी भी दी। दो-दो युवक रस्सी के दोनों छोर पकड़ कर नाले के आगे घेरा बनाकर खड़े रहे ताकि तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की मुश्किल का सामना न करना पड़े। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि नाला करीब डेढ़ माह से खुला है और मेनहोल का ढक्कन गायब हुए भी तीन सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है।
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नगर आयुक्त आरपी सिंह का कहना है कि वह रेलवे का सीवर लाइन है। खतरे को देखते हुए रेलवे के अधिकारियों को कई बार उसे बनाने के लिए पत्र लिखा गया। अब निगम खुद रेलवे से अनुमति लेकर उसे बनाने पर विचार कर रहा है।
- रोडवेज पर खुले मेनहोल से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यातायात विभाग के डिवाइडर का इस्तेमाल मेनहोल ढकने के लिए किया जा रहा है। मौनी अमावस्या से पूर्व संबंधित विभाग को इसे दुरुस्त कर देना चाहिए था। यातायात पुलिस को सबसे ज्यादा दिक्कत रोडवेज पर ही हुई। गोपेशनाथ खन्ना, एसपी ट्रैफिक
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नाला बस स्टैंड के सामने सड़क के उस पार खुला है और मेनहोल बीच सड़क पर। क्षेत्रीय दुकानदारों ने लोगों की मुश्किलों का ख्याल करते हुए खुले मेनहोल में बांस डालकर उसके चारों तरफ ईंटें रखकर घेर दी है, लेकिन खुले नाले से लोगों को सावधान करने का कोई उपाय लोगों को नहीं सूझ रहा। नतीजतन, एक महीने के अंदर सौ से अधिक लोग नाले में गिरकर हाथ-पांव तुड़वा चुके हैं।
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सोमवार को भी कई यात्री नाले में गिरकर घायल हुए। अधिक भीड़ होने पर क्षेत्रीय दुकानदारों ने पारी बांधकर नाले के समीप ड्यूटी भी दी। दो-दो युवक रस्सी के दोनों छोर पकड़ कर नाले के आगे घेरा बनाकर खड़े रहे ताकि तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की मुश्किल का सामना न करना पड़े। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि नाला करीब डेढ़ माह से खुला है और मेनहोल का ढक्कन गायब हुए भी तीन सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है।
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नगर आयुक्त आरपी सिंह का कहना है कि वह रेलवे का सीवर लाइन है। खतरे को देखते हुए रेलवे के अधिकारियों को कई बार उसे बनाने के लिए पत्र लिखा गया। अब निगम खुद रेलवे से अनुमति लेकर उसे बनाने पर विचार कर रहा है।
- रोडवेज पर खुले मेनहोल से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यातायात विभाग के डिवाइडर का इस्तेमाल मेनहोल ढकने के लिए किया जा रहा है। मौनी अमावस्या से पूर्व संबंधित विभाग को इसे दुरुस्त कर देना चाहिए था। यातायात पुलिस को सबसे ज्यादा दिक्कत रोडवेज पर ही हुई। गोपेशनाथ खन्ना, एसपी ट्रैफिक