कहने को मेट्रोपोलिटन सिटी पर हालत कसबों से बदतर

Varanasi Updated Thu, 26 Jul 2012 12:00 PM IST
वाराणसी। लगभग साढ़े पांच साल पहले मेट्रोपोलिटन सिटी घोषित बनारस की हालत कसबों से भी बदतर है। न तो सड़कें दुरुस्त हैं और न ही स्ट्रीट लाइट। साफ-सफाई की व्यवस्था भी ध्वस्त है। कूड़े के ढेरों से गुजरना शहरियों की नियति बन गई है। बिजली-पानी का संकट तो जैसे कभी खत्म ही नहीं होगा। अखिलेश यादव की सरकार बनने पर उम्मीद जगी थी कि शायद इस दिशा में अब कुछ पहल हो। क्योंकि, मुलायम सिंह के पिछले कार्यकाल में ही काशी मेट्रोपोलिटन सिटी घोषित हुई थी। लेकिन, अब तक मायूसी ही हाथ लगी है। उदासीनता का आलम यह है कि योजना नियामकों ने अब तक शहर क्षेत्र में भी उच्चस्तरीय सुविधाएं विकसित करने के बारे में विचार तक नहीं किया है।
पूर्व की मुलायम सरकार के कार्यकाल में 30 नवंबर 2006 को वाराणसी को मेट्रोपोलिटन सिटी घोषित किया गया था। इसमें वाराणसी नगर निगम, छावनी परिषद, नगर पालिका परिषद रामनगर व मुगलसराय को शामिल करने की बात कही गई थी। इसके अलावा वाराणसी व चंदौली जिले के पांच ब्लाकों काशी विद्यापीठ के 72, आराजीलाइन के आठ, हरहुआ के 37, चिरईगांव के 37 तथा नियमताबाद के 87 सहित कुल 195 गांवों को इसमें शामिल किया जाना था। मेट्रोपोलिटन सिटी में शामिल गांवों में मूलभूत सुविधाएं विकसित होना तो दूर, अब तक नगर निगम क्षेत्र में भी आबादी के अनुरूप पानी, बिजली, सड़क, सीवर, पार्क, चिकित्सा, शिक्षा, फायर ब्रिगेड, सुरक्षा व्यवस्था आदि से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं भी विकसित नहीं हो पाई हैं। मेट्रोपोलिटन सिटी में शामिल काशी विद्यापीठ ब्लाक के ककरमत्ता, चांदपुर, महेशपुर, फुलवरिया, शिवदासपुर, हरपालपुर, मड़ौली, लखनपुर, चुरामनपुर, भुल्लनपुर, जलालीपट्टी, कंचनपुर, भिखारीपुर, चितईपुर, पहाड़ी, कंदवा, मड़ुवाडीह, लहरतारा, लोहता भट्ठी एवं महमूदपुर आदि गांवों में तो स्थिति और भी खराब है। इनमें से अधिकांश गांवों में सीवर लाइन व जल निकासी की व्यवस्था तक नहीं है।

Spotlight

Most Read

National

पाकिस्तान की तबाही के दो वीडियो जारी, तेल डिपो समेत हथियार भंडार नेस्तनाबूद

सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पाकिस्तानी गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया है। भारत के जवाबी हमले में पाकिस्तान की कई फायरिंग पोजिशन, आयुध भंडार और फ्यूल डिपो को बीएसएफ ने उड़ा दिया है।

23 जनवरी 2018

Related Videos

अलग अंदाज में मनाया गया BHU स्थापना दिवस, आप भी कर उठेंगे वाह-वाह

सोमवार को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में 102वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस मौके पर पारंपरिक परिधान में सजे छात्र-छात्रों ने झांकियां निकाली। झांकियों के साथ चल रहे स्टूडेंट्स ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते नजर आए।

23 जनवरी 2018

Recommended

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper