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लोकल फाल्ट से मिलेगी राहत
Varanasi
Updated Wed, 03 Sep 2014 05:30 AM IST
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वाराणसी। शाम के समय बिजली की खपत बढ़ने पर शहर के कई मुहल्लों में ट्रिपिंग शुरू हो जाती है। इस समस्या से नगरवासियों को निजात दिलाने के लिए शहर में पांच उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने और दो नए उपकेंद्र बनाने का प्रस्ताव बिजनेस प्लान और व्यापार विकास निधि से किया गया है। इसके अलावा रानीपुर में नए उपकेंद्र के निर्माण के लिए धन पहले ही स्वीकृत हो चुका है। शहर की सघन आबादी वाली बस्तियों में कटियामारी रोकने के लिए 50 किलोमीटर इंसुलेटेड एरियल बंच कंडक्टर लगाए जाएंगे।
बिजनेस प्लान के 54 और व्यापार विकास निधि के 22 करोड़ रुपयों से वाराणसी मंडल के चार जिलों में विद्युत वितरण प्रणाली को मजबूत बनाया जाना है। इसमें से 30 करोड़ रुपये वाराणसी में बिजली की हालत सुधारने पर खर्च करने का प्रस्ताव है। इसमें बेनियाबाग, भिखारीपुर, भेलूपुर, चांदपुर औद्योगिक आस्थान और पन्नालाल पार्क उपकेंद्रों की क्षमता में 40 एमवीए की बढ़ोतरी की जाएगी जबकि चौक और सीर गोवर्धनपुर में 20 एमवीए क्षमता के दो नए उपकेंद्र बनाए जाएंगे। रानीपुर में 10 एमवीए के नए उपकेंद्र के निर्माण का काम जल्द ही शुरू किया जाना है। उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ने के बाद शहर के ज्यादातर इलाकों को शाम की कटौती से मुक्ति मिल जाएगी।
जिन मुहल्लों में ट्रांसफार्मर पर लोड अधिक होने के कारण शाम को जंफर और डीओ उड़ता रहता है उनके लिए भी राहत भरी खबर है। बिजली विभाग 250 केवीए के 30 नए ट्रांसफार्मर लगाने जा रहा है जबकि इतने ही ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि भी की जाएगी। इसके अलावा योजना के तहत जर्जर तार एवं पोल तो बदले ही जाएंगे, चोरी रोकने के लिए घनी आबादी वाले इलाकों में 50 किलोमीटर तक एरियल बंच कंडक्टर लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। इन प्रस्तावों पर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक डा. काजल की अध्यक्षता में दो सितंबर को होने वाली बैठक में विचार किया जाएगा और थोड़े-बहुत परिवर्तन के साथ मंजूरी मिल जाएगी। अधीक्षण अभियंता पीपी सिंह का कहना है कि कार्ययोजना को मंजूरी मिलने के बाद ज्यादातर कार्यों को इसी वित्तीय वर्ष में पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा ताकि लोगों को अगले साल गर्मियों में राहत मिले।
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बिजनेस प्लान के 54 और व्यापार विकास निधि के 22 करोड़ रुपयों से वाराणसी मंडल के चार जिलों में विद्युत वितरण प्रणाली को मजबूत बनाया जाना है। इसमें से 30 करोड़ रुपये वाराणसी में बिजली की हालत सुधारने पर खर्च करने का प्रस्ताव है। इसमें बेनियाबाग, भिखारीपुर, भेलूपुर, चांदपुर औद्योगिक आस्थान और पन्नालाल पार्क उपकेंद्रों की क्षमता में 40 एमवीए की बढ़ोतरी की जाएगी जबकि चौक और सीर गोवर्धनपुर में 20 एमवीए क्षमता के दो नए उपकेंद्र बनाए जाएंगे। रानीपुर में 10 एमवीए के नए उपकेंद्र के निर्माण का काम जल्द ही शुरू किया जाना है। उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ने के बाद शहर के ज्यादातर इलाकों को शाम की कटौती से मुक्ति मिल जाएगी।
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जिन मुहल्लों में ट्रांसफार्मर पर लोड अधिक होने के कारण शाम को जंफर और डीओ उड़ता रहता है उनके लिए भी राहत भरी खबर है। बिजली विभाग 250 केवीए के 30 नए ट्रांसफार्मर लगाने जा रहा है जबकि इतने ही ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि भी की जाएगी। इसके अलावा योजना के तहत जर्जर तार एवं पोल तो बदले ही जाएंगे, चोरी रोकने के लिए घनी आबादी वाले इलाकों में 50 किलोमीटर तक एरियल बंच कंडक्टर लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। इन प्रस्तावों पर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक डा. काजल की अध्यक्षता में दो सितंबर को होने वाली बैठक में विचार किया जाएगा और थोड़े-बहुत परिवर्तन के साथ मंजूरी मिल जाएगी। अधीक्षण अभियंता पीपी सिंह का कहना है कि कार्ययोजना को मंजूरी मिलने के बाद ज्यादातर कार्यों को इसी वित्तीय वर्ष में पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा ताकि लोगों को अगले साल गर्मियों में राहत मिले।
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