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अनुतरित सवाल छोड़कर दुनिया से विदा हो गई निर्मला

Updated Sun, 29 Jul 2018 02:12 AM IST
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वाराणसी। सेतु सांस्कृतिक केंद्र की ओर से आयोजित चार दिवसीय प्रेमचंद महोत्सव का शुभारंभ निर्मला के मंचन से हुआ। सनबीम वरुणा के हारमनी प्रेेक्षागृह में शनिवार को मंचित नाटक में बेमेल विवाह और दहेज की कुरीतियों के साथ ही निर्मला जीवन की विसंगतियों को झेलते हुए दुनिया से चली जाती है। बस अपने पीछे छोड़ जाती है ढेर सारे अनुत्तरित सवाल। निर्मला के पात्र में सिमरन मेहरोत्रा ने अपने जीवंत अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया।
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16 साल की निर्मला का विवाह 40 के ऊपर के वकील तोताराम के साथ हुआ। निर्मला की मां कल्याणी उसका विवाह अधिक उम्र के व्यक्ति से इसलिए करती हैं कि वहां पर दहेज की कोई मांग नहीं होती है। तोता राम विधुर तो है ही उसके तीन बच्चे भी हैं। काशिका वर्मा, बालमुकुंद त्रिपाठी, प्रियंका मेहरोत्रा, प्रकाश जायसवाल, सत्यम मिश्रा, आशुतोष, चित्रा, संघर्ष, आकर्षक, लक्ष्य, पंखुरी, आमीन, मिली ने अभिनय से सभी को प्रभावित किया। रुप सज्जा मनोज मलिक, संगीत आकाश और प्रकाश व्यवस्था अजय मिश्र की रही।

शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता बिंदु सिंह को प्रेमचंद सामाजिक सरोकार सम्मान दिया गया। मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ. चंद्रकला त्रिपाठी, दीपक मधोक व भारती मधोक ने दीप प्रज्ज्वलित कर प्रेमचंद उत्सव का शुभारंभ किया। डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि प्रेमचंद पर किया गया यह आयोजन एक उदाहरण है। सेतु के अध्यक्ष डॉ. सुनील साह ने कहा कि सेतु ने 25 सालों में तीन उपन्यास और 22 कहानियों का मंचन कर उदाहरण पेश किया है। दीपक मधोक ने प्रेमचंद के योगदान की चर्चा की।
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